40 की उम्र पार करते ही महिलाएं डाइट में शामिल करें ये चीजें, हड्डियां रहेंगी मजबूत; डॉक्टर ने बताया पूरा तरीका

40 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इस उम्र में वजन बढ़ने, कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ने के साथ-साथ हड्डियों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में इस उम्र के बाद खानपान और रोजमर्रा की आदतों को लेकर थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हड्डियों को मजबूत रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डाइट में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी जैसे पोषक तत्वों का संतुलन होना भी जरूरी है।

दूध-दही से लेकर रागी और तिल तक डाइट में करें शामिल

हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए 40 की उम्र के बाद महिलाओं को अपने खाने में दूध, दही और पनीर जैसे कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। इसके अलावा रागी और तिल भी डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद करते हैं।

सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि पर्याप्त प्रोटीन लेना भी इस उम्र में महत्वपूर्ण माना जाता है। दाल, चना, राजमा, सोया और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। पर्याप्त प्रोटीन लेने से मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलती है और शरीर का संतुलन बेहतर रह सकता है।

वजन बढ़ रहा है तो खाने में करें ये बदलाव

40 के बाद कई महिलाओं में वजन बढ़ने की समस्या भी देखी जाती है। ऐसी स्थिति में बहुत ज्यादा फैट वाली डाइट लेने के बजाय संतुलित और प्रोटीन से भरपूर भोजन पर ध्यान देना बेहतर है। हालांकि, वजन कम करने के चक्कर में खाना बहुत ज्यादा कम कर देना भी सही नहीं माना जाता।

डॉक्टर के मुताबिक, इस उम्र में कम खाना नहीं बल्कि सही और पौष्टिक खाना ज्यादा जरूरी है। बहुत कम कैलोरी वाली डाइट या लंबे समय तक प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी वाली डाइट हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियों को भी कमजोर कर सकती है।

विटामिन D को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

हड्डियों की सेहत के लिए कैल्शियम जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण विटामिन D भी है। मैक्स हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक विभाग के डायरेक्टर डॉ. एल. तोमर के अनुसार, विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। अगर शरीर में विटामिन D का स्तर पर्याप्त नहीं है तो सिर्फ कैल्शियम का सेवन करने से अपेक्षित फायदा नहीं मिल सकता।

विटामिन D के लिए नियमित रूप से धूप लेना उपयोगी हो सकता है। वहीं, अगर शरीर में इसकी कमी है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट लेने पर विचार किया जा सकता है। बिना जांच या चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट शुरू करना उचित नहीं है।

सिर्फ डाइट नहीं, एक्सरसाइज भी है जरूरी

हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक भोजन के साथ शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। 40 की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार नियमित एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

तेज चलना और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी वेट-बियरिंग एक्सरसाइज हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। नियमित गतिविधि शरीर का संतुलन बनाए रखने में भी मदद करती है।

धूम्रपान और ज्यादा शराब से बनाएं दूरी

हड्डियों की सेहत को बनाए रखने के लिए सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि डाइट में क्या शामिल किया जा रहा है। कुछ ऐसी आदतों से भी बचना जरूरी है जो स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञों ने धूम्रपान से बचने और अत्यधिक शराब का सेवन न करने की सलाह दी है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध विशेषज्ञ सलाह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी तरह की पोषण संबंधी कमी, हड्डियों की समस्या या सप्लीमेंट लेने की जरूरत होने पर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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