ब्रिक्स समिट LIVE: UNSC सुधार से ग्लोबल रिफॉर्म तक PM मोदी का बड़ा प्रस्ताव, संयुक्त बयान पर बनी सहमति

ब्रिक्स समिट में वैश्विक व्यवस्था में सुधार को लेकर भारत ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार समेत व्यापक वैश्विक सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रस्ताव रखा गया। इसी बीच ब्रिक्स देशों के बीच संयुक्त बयान पर भी सहमति बनने की खबर सामने आई है।

UNSC में सुधार पर पीएम मोदी का जोर

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। भारत लंबे समय से वैश्विक संस्थाओं में बदलती दुनिया की वास्तविकताओं के अनुरूप सुधार की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। समिट में पीएम मोदी ने इसी व्यापक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए UNSC सुधार को वैश्विक सुधार की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया।

ग्लोबल रिफॉर्म का रखा प्रस्ताव

पीएम मोदी ने वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार की जरूरत को भी रेखांकित किया। बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच वैश्विक संस्थाओं को अधिक प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की चर्चा ब्रिक्स के एजेंडे में महत्वपूर्ण रही। भारत की ओर से रखा गया प्रस्ताव इसी दिशा में व्यापक सुधारों पर केंद्रित रहा।

संयुक्त बयान पर बनी सहमति

ब्रिक्स समिट से जुड़ी अहम प्रगति में संयुक्त बयान पर सहमति बनना भी शामिल है। सदस्य देशों के बीच साझा मुद्दों और प्राथमिकताओं को लेकर सहमति के बाद संयुक्त बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह बयान ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर उनके साझा रुख को सामने रखने का माध्यम होगा।

वैश्विक मंच पर भारत की प्राथमिकताएं

ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत लगातार वैश्विक संस्थाओं में सुधार, विकासशील देशों की भूमिका और अधिक संतुलित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था जैसे मुद्दों को महत्व देता रहा है। इस समिट में भी UNSC सुधार और ग्लोबल रिफॉर्म का मुद्दा उठाकर भारत ने वैश्विक शासन व्यवस्था में बदलाव की अपनी प्राथमिकता दोहराई है।

ब्रिक्स समिट पर बनी रहेगी नजर

ब्रिक्स समिट से जुड़े घटनाक्रम में संयुक्त बयान पर बनी सहमति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से UNSC सुधार तथा ग्लोबल रिफॉर्म का प्रस्ताव प्रमुख बिंदु हैं। आने वाले आधिकारिक बयानों और संयुक्त दस्तावेज में इन मुद्दों को लेकर सदस्य देशों की साझा स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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