सीएम योगी बोले- मोदी की पहचान वंश या विरासत से नहीं, तप-साधना और संघर्ष से बनी; युवाओं को दी किताबें पढ़ने की सलाह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहचान किसी वंश परंपरा या राजनीतिक विरासत के सहारे नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि मोदी के साथ न तो कोई वंश परंपरा थी और न ही विरासत, बल्कि उन्होंने अपनी पहचान तप, साधना और संघर्ष के जरिए बनाई। मुख्यमंत्री शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन के दौरान छात्रों और युवाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए केवल पाठ्यक्रम की किताबें पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी रुचि और ज्ञान को बढ़ाने के लिए अच्छी पुस्तकों का भी अध्ययन करना चाहिए।

गोमती पुस्तक महोत्सव का सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान उन्होंने पुस्तक पढ़ने की आदत को जीवन में महत्वपूर्ण बताते हुए छात्रों से अच्छी किताबें खरीदने और उन्हें पढ़ने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें व्यक्ति के ज्ञान का विस्तार करने के साथ उसके सोचने और समझने की क्षमता को भी मजबूत करती हैं। विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ अलग-अलग विषयों की अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए।

छात्रों से बोले सीएम योगी- पाठ्यक्रम के साथ अच्छी किताबें भी खरीदें

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का दायरा बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम से इतर पुस्तकों को भी पढ़ना चाहिए।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे पाठ्यक्रम की किताबों के साथ अच्छी पुस्तकें भी खरीदें और पढ़ने की आदत विकसित करें। उनका कहना था कि किताबें व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण और विचारों को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मोदी की पहचान का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवन यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहचान किसी पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि या विरासत के कारण नहीं बनी।

योगी ने कहा कि मोदी के साथ न वंश परंपरा थी और न विरासत। उन्होंने तप, साधना और संघर्ष के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की इस यात्रा को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर

गोमती पुस्तक महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के बीच पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अच्छी किताबें व्यक्ति को नए विचारों से परिचित कराती हैं और उसके ज्ञान को व्यापक बनाती हैं।

लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित इस पुस्तक महोत्सव में पुस्तकों और साहित्य से जुड़ी गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री का छात्रों को पढ़ने का संदेश खास तौर पर चर्चा में रहा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं को शिक्षा के साथ निरंतर अध्ययन और ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।

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