30 साल की रिसर्च के बाद हार्वर्ड वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा: इस एक एक्सरसाइज से घट सकता है किसी भी बीमारी से मौत का खतरा

Harvard Study: लंबी उम्र और गंभीर बीमारियों से बचाव का आसान तरीका आया सामने

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और लगातार घटती शारीरिक गतिविधियों ने लोगों को कम उम्र में ही कई गंभीर बीमारियों की चपेट में पहुंचा दिया है। डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर और अन्य लाइफस्टाइल डिजीज न केवल जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि समय से पहले मृत्यु के जोखिम को भी बढ़ा रही हैं। ऐसे में दुनिया भर के वैज्ञानिक लंबे समय से यह पता लगाने में जुटे थे कि कौन-सी शारीरिक गतिविधि इंसान को अधिक समय तक स्वस्थ और जीवित रखने में मदद कर सकती है।

अब इस दिशा में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण शोध के जरिए बड़ा खुलासा किया है। करीब तीन दशक तक चले अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और नॉन-रेजिस्टेंस या एरोबिक एक्सरसाइज में से कौन-सा तरीका मृत्यु के जोखिम को कम करने में अधिक प्रभावी है।

30 साल तक चला विशाल अध्ययन

यह शोध 2 जून 2026 को ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित किया गया। अध्ययन में कुल 1,47,374 लोगों को शामिल किया गया, जिनमें 31,540 पुरुष और 1,15,834 महिलाएं थीं। शोधकर्ताओं ने लगभग 30 वर्षों तक इन प्रतिभागियों की स्वास्थ्य स्थिति, जीवनशैली और मृत्यु से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया।

अध्ययन के दौरान 35,798 प्रतिभागियों की मृत्यु दर्ज की गई और वैज्ञानिकों ने यह भी जांचा कि उनकी मौत किन कारणों से हुई। शोध का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि नियमित व्यायाम मृत्यु के जोखिम को किस हद तक प्रभावित कर सकता है।

रेजिस्टेंस ट्रेनिंग को लेकर बढ़ी वैज्ञानिकों की दिलचस्पी

फिटनेस विशेषज्ञ लंबे समय से रेजिस्टेंस ट्रेनिंग यानी वजन उठाने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज और एरोबिक गतिविधियों जैसे दौड़ना, तेज चलना या साइक्लिंग के फायदों पर चर्चा करते रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं था कि इनमें से कौन-सी गतिविधि लंबी उम्र और गंभीर बीमारियों से बचाव में अधिक असरदार साबित होती है।

हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि नियमित रूप से की जाने वाली रेजिस्टेंस ट्रेनिंग स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। यह न केवल मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाए रख सकती है।

दिल की बीमारियां बनी हुई हैं सबसे बड़ा खतरा

भारत सहित दुनिया के कई देशों में हृदय रोग आज भी मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निष्क्रिय जीवनशैली, मोटापा, तनाव और असंतुलित आहार इस खतरे को और बढ़ा रहे हैं। ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि को स्वास्थ्य सुरक्षा की पहली सीढ़ी माना जा रहा है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि व्यायाम केवल वजन घटाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों और प्रणालियों को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद करता है। इसी वजह से व्यायाम को समय से पहले होने वाली मृत्यु के जोखिम को कम करने का प्रभावी उपाय माना जाता है।

स्वस्थ जीवन के लिए क्या है संदेश?

शोध से यह संकेत मिलता है कि नियमित व्यायाम, विशेष रूप से मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली गतिविधियां, लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि किसी भी फिटनेस कार्यक्रम को शुरू करने से पहले व्यक्ति को अपनी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय सलाह का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग अपनी दैनिक दिनचर्या में नियमित शारीरिक गतिविधि को शामिल करें तो कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है और स्वस्थ जीवन की संभावना बढ़ाई जा सकती है।

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