Zelenskyy का बड़ा ऐलान: यूक्रेन के पास होंगे 10,000 किमी तक मार करने वाले ड्रोन, रूस पर बढ़ेगा दबाव, बदल सकता है युद्ध का समीकरण

रूस-यूक्रेन युद्ध पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, लेकिन संघर्ष थमने के बजाय और अधिक तेज होता दिखाई दे रहा है। रूस के सैन्य प्रतिष्ठानों और तेल से जुड़े अहम ठिकानों पर हालिया हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपनी सैन्य रणनीति को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि यूक्रेन आने वाले समय में लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम ड्रोन तकनीक को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। यदि यह योजना सफल होती है तो युद्ध का समीकरण बदल सकता है और रूस के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

इस साल 4,000 किमी और अगले साल 10,000 किमी रेंज वाले ड्रोन का लक्ष्य

एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन अपनी लंबी दूरी की ड्रोन क्षमता को तेजी से विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यूक्रेन के पास लगभग 3,000 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तक मार करने वाले ड्रोन मौजूद हैं।

जेलेंस्की के मुताबिक, वर्ष 2026 के अंत तक यूक्रेन के हथियार भंडार में 4,000 किलोमीटर तक हमला करने में सक्षम ड्रोन शामिल हो जाएंगे। वहीं वर्ष 2027 तक 5,000 से 10,000 किलोमीटर की रेंज वाले अत्याधुनिक ड्रोन भी सेना का हिस्सा बनने का लक्ष्य रखा गया है।

ड्रोन तकनीक पर यूक्रेन का सबसे बड़ा दांव

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन सबसे प्रभावी हथियारों में शामिल हो चुके हैं। इसी वजह से यूक्रेन लगातार नई तकनीक विकसित करने और अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यूक्रेन की रक्षा रणनीति में लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इनकी मदद से दुश्मन के सैन्य ठिकानों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और रणनीतिक संसाधनों को दूर से निशाना बनाया जा सकेगा।

2025 में हुआ था 3,000 किमी रेंज वाले ड्रोन का सफल परीक्षण

जेलेंस्की ने याद दिलाया कि मार्च 2025 में यूक्रेन ने आधिकारिक तौर पर 3,000 किलोमीटर रेंज वाले एक लंबी दूरी के ड्रोन का सफल परीक्षण किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि देश ऐसी हथियार प्रणाली विकसित कर रहा है जो भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी।

अब उसी तकनीक को आगे बढ़ाते हुए अधिक दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें यूक्रेन अपनी सैन्य ताकत का अहम हिस्सा बनाना चाहता है।

रूस के अंदर भी किए जा चुके हैं ऑपरेशन

यूक्रेन का दावा है कि उसके अपग्रेडेड लंबी दूरी के ड्रोन पहले ही कई अभियानों में इस्तेमाल किए जा चुके हैं। इन ड्रोन की मदद से रूस के भीतर मौजूद रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्युमेन क्षेत्र में हुए ऑपरेशन के दौरान भी इन ड्रोन का उपयोग किया गया, जहां रूसी सेना की लॉजिस्टिक्स और सैन्य आपूर्ति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

बढ़ते ड्रोन हमलों के बीच और तेज हो सकती है जंग

हाल के महीनों में रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे पर लगातार ड्रोन हमले कर रहे हैं। ऐसे में यदि यूक्रेन 4,000 से 10,000 किलोमीटर तक मार करने वाले ड्रोन विकसित करने में सफल होता है, तो यह रूस के लिए नई रणनीतिक चुनौती साबित हो सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन आधुनिक युद्ध की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं और आने वाले समय में इनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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