
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजते हुए कहा कि “राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इस्तीफे की खबर सामने आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों के बीच जश्न का माहौल बन गया। इस घटनाक्रम पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच आया इस्तीफा
बीते कई दिनों से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन जारी था। प्रदर्शनकारियों की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार उठाई जा रही थी। इसी बीच शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आई, जिसके बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद समर्थकों ने खुशी जाहिर की और इसे अपनी आंदोलन की बड़ी सफलता बताया।
इस्तीफे के बाद क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान
इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रहित और अपनी जिम्मेदारियों को हमेशा सर्वोपरि रखा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे के कारणों पर विस्तार से कोई टिप्पणी नहीं की।
अभिजीत दिपके ने रखीं दो नई मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि यह आंदोलन की पहली सफलता है, लेकिन उनकी दो प्रमुख मांगें अभी भी बाकी हैं।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
‘डरने की जरूरत नहीं, यह लोकतंत्र है’
अभिजीत दिपके ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है और आंदोलन के जरिए अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी उनकी लड़ाई पूरी नहीं हुई है और बाकी मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा, “याद रखना, कॉकरोच से पंगा मत लेना।”
केजरीवाल ने बताया लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि जब जनता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाती है तो लोकतांत्रिक व्यवस्था उसकी बात सुनने के लिए मजबूर होती है।
आगे क्या?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब राजनीतिक हलकों में इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपेगी। वहीं, सीजेपी ने साफ किया है कि उनकी बाकी मांगों पर फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया