Islamabad/Beirut: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच लेबनान के सेना प्रमुख जनरल रोडोल्फ हैकल का पाकिस्तान दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। शनिवार को पाकिस्तान पहुंचे लेबनानी आर्मी चीफ की मुलाकात पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से होने वाली है। ऐसे समय में यह यात्रा हुई है जब पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
असीम मुनीर के निमंत्रण पर पाकिस्तान पहुंचे हैकल
लेबनान की सेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सेना प्रमुख जनरल रोडोल्फ हैकल पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुए हैं। बताया गया है कि यह यात्रा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के निमंत्रण पर हो रही है। हालांकि दौरे की अवधि और एजेंडे को लेकर अभी तक कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय हालात को देखते हुए यह दौरा केवल सैन्य सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे व्यापक रणनीतिक और कूटनीतिक उद्देश्य भी हो सकते हैं।
पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बढ़ा दौरे का महत्व
यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव लगातार वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। पाकिस्तान हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित कराने की कोशिशों में सक्रिय दिखाई दिया है। ऐसे में लेबनान के सेना प्रमुख का इस्लामाबाद पहुंचना कई नए संकेत दे रहा है।
क्षेत्रीय विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान पश्चिम एशिया के बदलते समीकरणों में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है। वहीं लेबनान भी सुरक्षा और संघर्ष-विराम से जुड़े मुद्दों पर अपने हितों को स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहता है।
संघर्ष-विराम वार्ता को लेकर अलग-अलग रुख
जानकारी के अनुसार, लेबनान और अमेरिका का मानना है कि लेबनान से जुड़े संघर्ष-विराम और सुरक्षा मुद्दों को अमेरिका-ईरान वार्ता से अलग रखा जाना चाहिए। दोनों देशों का तर्क है कि लेबनान की स्थिति को स्वतंत्र रूप से देखा जाना चाहिए ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान निकाला जा सके।
दूसरी ओर ईरान का रुख इससे अलग बताया जा रहा है। ईरान चाहता है कि अमेरिका के साथ होने वाली व्यापक क्षेत्रीय बातचीत में लेबनान से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया जाए। यही वजह है कि इस विषय पर विभिन्न पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
लेबनान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान
इस बीच लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान, अमेरिका के साथ अपनी बातचीत में लेबनान को एक रणनीतिक दबाव बिंदु या सौदेबाजी के साधन के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रपति के इस बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
इजरायल की भी बढ़ी चिंता
लेबनानी सेना प्रमुख के पाकिस्तान दौरे पर इजरायल भी नजर बनाए हुए है। क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान, ईरान और लेबनान के बीच बढ़ते संपर्कों को लेकर इजरायल सतर्क है। ऐसे में जनरल रोडोल्फ हैकल और जनरल असीम मुनीर की संभावित बैठक से निकलने वाले संकेतों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।
क्या निकल सकता है इस दौरे से?
हालांकि आधिकारिक रूप से इस यात्रा का विस्तृत एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति और पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। यही कारण है कि लेबनानी सेना प्रमुख का यह दौरा केवल द्विपक्षीय मुलाकात नहीं, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय राजनीति के नजरिए से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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