
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी धरती से आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता, तो उसे तय करना होगा कि वह दुनिया के नक्शे पर सम्मानजनक भूगोल का हिस्सा बना रहना चाहता है या फिर इतिहास के पन्नों में सिमट जाना चाहता है। सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत लगातार सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाए हुए है।
आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश
एक कार्यक्रम के दौरान जब जनरल उपेंद्र द्विवेदी से पूछा गया कि यदि पाकिस्तान फिर से भारत के खिलाफ किसी आतंकी हमले की साजिश रचता है तो भारत की प्रतिक्रिया क्या होगी, इस पर उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में जवाब दिया। सेना प्रमुख ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है और किसी भी उकसावे का जवाब निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंकवाद को संरक्षण देकर वह खुद अपने भविष्य को खतरे में डाल रहा है। भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने में सक्षम है।
पाकिस्तान के लिए चेतावनी या आखिरी संदेश?
जनरल द्विवेदी के बयान को सुरक्षा विशेषज्ञ बेहद अहम मान रहे हैं। उनका कहना है कि भारतीय सेना प्रमुख का यह संदेश सिर्फ पाकिस्तान के लिए चेतावनी नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक सोच का संकेत भी है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे कदम उठाकर यह दिखा दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ केवल बयानबाजी नहीं बल्कि कार्रवाई में भी विश्वास रखता है।
भारत सरकार और सेना लगातार यह दोहरा रही है कि सीमा पार आतंकवाद को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में सेना प्रमुख का यह बयान आने वाले समय में भारत की सुरक्षा नीति को लेकर भी बड़ा संकेत माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बढ़ा दबाव
भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है। कई देशों ने भी आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता, तो उसे वैश्विक स्तर पर और अधिक अलग-थलग पड़ने का सामना करना पड़ सकता है।
भारत की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं
सेना प्रमुख ने साफ कर दिया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की सीमाओं की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत अब किसी भी आतंकी हमले का जवाब पुराने तरीके से नहीं बल्कि नई रणनीति और ताकत के साथ देगा।
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