
मध्य पूर्व में बढ़ती ऊर्जा गतिविधियों के बीच इराक ने वैश्विक तेल बाजार को लेकर बड़ा संकेत दिया है। इराक के नए तेल मंत्री बासिम मोहम्मद ने खुलासा किया कि देश ने अप्रैल महीने में होर्मुज स्ट्रेट के जरिए करीब 1 करोड़ बैरल तेल का निर्यात किया। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में इराक की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में इराक
राजधानी बगदाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेल मंत्री ने कहा कि इराक अब अपनी तेल उत्पादन और निर्यात क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए देश OPEC के साथ बातचीत करेगा ताकि भविष्य की उत्पादन रणनीति को बेहतर तरीके से तय किया जा सके।
उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में इराक वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश करेगा। इराक पहले से ही दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है और अब वह अपनी क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है।
रोजाना 50 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य
तेल मंत्री बासिम मोहम्मद ने बताया कि बगदाद सरकार का लक्ष्य प्रतिदिन 50 लाख बैरल तेल उत्पादन क्षमता हासिल करना है। उनका कहना है कि इसके लिए नए निवेश, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इराक इस लक्ष्य तक पहुंचता है तो इसका असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और OPEC की नीतियों पर भी देखने को मिल सकता है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग से होने वाला निर्यात अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
वैश्विक तेल बाजार पर रहेगा असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल एशिया और यूरोप के देशों तक पहुंचता है। ऐसे में इराक की बढ़ती निर्यात क्षमता आने वाले महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।इराक का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में ऊर्जा मांग, तेल कीमतों और OPEC देशों की उत्पादन नीति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञ अब इराक और OPEC के बीच होने वाली संभावित बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
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