नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की अहम बैठक

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इन दिनों भारत दौरे पर हैं, जहां वह नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। लेकिन इस बार उनकी यात्रा सिर्फ कूटनीतिक चर्चाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके विमान के नाम ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संदेश दे दिया। अराघची जिस विमान से भारत पहुंचे, उसका नाम ‘Minab168’ था, जिसने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

‘Minab168’ नाम के पीछे छिपी दर्दनाक कहानी

दरअसल, ‘Minab168’ नाम ईरान के उस दर्दनाक स्कूल हमले की याद में रखा गया है, जिसमें मिनाब शहर की 168 स्कूली लड़कियों की मौत हो गई थी। ईरान इस नाम को सिर्फ एक विमान की पहचान नहीं, बल्कि नागरिकों पर हुए हमलों के प्रतीक के रूप में दुनिया के सामने पेश कर रहा है।

ईरानी सरकार का मानना है कि युद्ध और संघर्षों में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों और मासूम बच्चों को उठाना पड़ता है। ऐसे में इस विमान के जरिए ईरान ने एक भावनात्मक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

भारत पहुंचते ही वैश्विक राजनीति में बढ़ी चर्चा

नई दिल्ली पहुंचने के बाद अब्बास अराघची की यात्रा की तस्वीरें और विमान का नाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि ईरान इस प्रतीकात्मक कदम के जरिए अमेरिका और इजरायल पर नागरिकों की मौतों को लेकर वैश्विक दबाव बनाना चाहता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रिक्स जैसे बड़े मंच पर इस तरह का संदेश देना ईरान की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे वह दुनिया को यह बताने की कोशिश कर रहा है कि युद्धों में केवल सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि निर्दोष नागरिक भी प्रभावित होते हैं।

ब्रिक्स बैठक में कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक सुरक्षा, पश्चिम एशिया की स्थिति, आर्थिक सहयोग और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में शामिल होने पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री की मौजूदगी पहले ही चर्चा में थी, लेकिन ‘Minab168’ विमान ने इसे और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

विमान के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे युद्ध में मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजलि देने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे वैश्विक मंच पर राजनीतिक संदेश देने की रणनीति मान रहे हैं।फिलहाल, नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक के दौरान ईरान की ओर से दिए गए इस प्रतीकात्मक संदेश ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति में नई बहस छेड़ दी है।

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