
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर विदेश यात्राओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि वह पिछले 22 वर्षों में 54 बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। भाजपा ने सवाल उठाया कि आखिर इन दौरों का खर्च किसने उठाया और इन यात्राओं की फंडिंग कहां से हुई।
भाजपा के आरोपों के बाद कांग्रेस ने भी जोरदार पलटवार किया। पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का विस्तृत ब्यौरा जारी किया गया, जिसमें दावा किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी अब तक 76 देशों के 96 दौरे कर चुके हैं। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा को पहले प्रधानमंत्री की यात्राओं और उन पर हुए खर्च का हिसाब देना चाहिए।
भाजपा ने राहुल गांधी पर उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी अक्सर विदेश दौरों पर रहते हैं और जनता को यह जानने का अधिकार है कि इन यात्राओं का उद्देश्य क्या था। पार्टी ने यह भी पूछा कि क्या इन दौरों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और क्या इन यात्राओं में किसी विदेशी संस्था या संगठन की भूमिका रही है।
भाजपा का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपनी विदेशी यात्राओं को लेकर पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है।
कांग्रेस का पलटवार, PM मोदी की यात्राओं का दिया ब्यौरा
भाजपा के आरोपों के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया और प्रेस बयान के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं की सूची साझा कर दी। कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में 76 देशों की 96 यात्राएं की हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विदेश यात्राएं किसी भी प्रधानमंत्री के कार्यकाल का हिस्सा होती हैं, इसलिए राहुल गांधी पर सवाल उठाना राजनीतिक दिखावा है। पार्टी ने भाजपा पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप भी लगाया।
विदेश यात्राओं पर फिर गरमाई राजनीति
देश में चुनावी माहौल के बीच विदेश यात्राओं का मुद्दा राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। भाजपा इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का मामला बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक हमला करार दे रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों दल एक-दूसरे के शीर्ष नेताओं की विदेश यात्राओं और खर्च को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा समर्थक राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कांग्रेस समर्थक प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों और सरकारी खर्च को मुद्दा बना रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल दौर में ऐसे राजनीतिक मुद्दे तेजी से वायरल होते हैं और चुनावी माहौल में इनका असर जनता की धारणा पर भी पड़ सकता है।
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