
चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पूरे विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नन्हीं कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण धोए, उनका तिलक किया और श्रद्धा भाव से आशीर्वाद प्राप्त किया।
परंपरा और श्रद्धा का संगम
नवरात्रि के अंतिम दिन आयोजित इस विशेष पूजन में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपराओं को जीवंत किया। कन्याओं को देवी का स्वरूप मानते हुए उन्होंने पहले उनके पैर धोए, फिर उन्हें आसन पर बैठाकर विधिवत पूजन किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा।
कन्याओं को कराया भोजन, दिए उपहार
पूजन के बाद Yogi Adityanath ने सभी कन्याओं को ससम्मान भोजन कराया। इसके साथ ही उन्हें उपहार भी भेंट किए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति का सम्मान भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है और कन्या पूजन उसी परंपरा का प्रतीक है।
नवरात्रि के महत्व पर दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवरात्रि के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व आत्मशुद्धि, साधना और शक्ति उपासना का प्रतीक है। कन्या पूजन के माध्यम से समाज में नारी के सम्मान और सुरक्षा का संदेश भी जाता है।
प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस पावन अवसर पर समाज में सकारात्मकता और सद्भाव बनाए रखें।
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