संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिर आमने-सामने आए भारत और पाकिस्तान, अफगानिस्तान मुद्दे पर तीखी बहस
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान को लेकर आयोजित बैठक के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखा कूटनीतिक टकराव देखने को मिला। पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि अफगानिस्तान में भारत की गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान को अस्थिर करना है। हालांकि भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पाकिस्तान के दावों का कड़ा जवाब दिया।
UNSC बैठक में पाकिस्तान ने भारत पर साधा निशाना
अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों पर सुरक्षा परिषद में हुई चर्चा के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने कहा कि अफगान भूमि का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकी तत्वों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने अफगानिस्तान की मौजूदा तालिबान सरकार से ऐसे समूहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की मांग भी की। इसी क्रम में उन्होंने भारत की अफगानिस्तान में मौजूदगी और मानवीय सहायता कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए।
पाकिस्तानी दूत ने आरोप लगाया कि भारत अफगानिस्तान में अपनी गतिविधियों के जरिए क्षेत्रीय परिस्थितियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
भारत ने दिया करारा जवाब
पाकिस्तान के आरोपों पर भारतीय प्रतिनिधि ने कड़ा प्रतिवाद किया। भारत की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान की आतंकवाद संबंधी चिंताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर उसके रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया।
बैठक के दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए एक सैन्य अभियान का भी जिक्र हुआ। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने दावा किया कि मार्च में किए गए हवाई हमले में आतंकियों और ड्रोन भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और अफगान पक्ष के हवाले से यह सवाल भी उठाया गया कि उस कार्रवाई में आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा था।
हवाई हमले को लेकर भी उठे सवाल
सुरक्षा परिषद की चर्चा के दौरान पाकिस्तान के मार्च महीने में किए गए हवाई हमले का मुद्दा भी सामने आया। विभिन्न पक्षों ने दावा किया कि हमले में नागरिक हताहत हुए थे और कुछ नागरिक ढांचों को भी नुकसान पहुंचा था। भारतीय प्रतिनिधि ने भी इसी मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई के दौरान आम लोगों की मौत की घटनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अफगानिस्तान बना क्षेत्रीय कूटनीति का केंद्र
अफगानिस्तान का मुद्दा लंबे समय से दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद क्षेत्रीय देशों की रणनीतियों और सुरक्षा चिंताओं में बदलाव आया है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर भारत और पाकिस्तान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान की स्थिरता, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्रीय सहयोग आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे।
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