Hormuz Strait Toll Plan: होर्मुज से गुजरने पर 20% ‘प्रोटेक्शन फीस’ चाहते हैं ट्रंप! खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता, जानिए पूरा मामला

Washington/Dubai: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसने खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में सुरक्षा सुनिश्चित करता है, तो इस सुरक्षा व्यवस्था का आर्थिक बोझ केवल अमेरिका नहीं उठाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के सहयोगी देशों को इसके लिए भुगतान करना चाहिए।

अमेरिका ने क्यों उठाई ‘प्रोटेक्शन फीस’ की मांग?

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक की सुरक्षा पर भारी खर्च कर रहा है। ऐसे में जिन देशों को इस सुरक्षा का सीधा लाभ मिल रहा है, उन्हें भी इसकी लागत वहन करनी चाहिए।

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका लंबे समय से खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सैन्य गश्त और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। इसलिए अब इस खर्च की भरपाई सहयोगी देशों द्वारा की जानी चाहिए।

किन देशों पर पड़ सकता है असर?

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो इसका प्रभाव उन देशों पर पड़ सकता है जो अमेरिका के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत और इजरायल जैसे देश शामिल हैं। ये सभी देश होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर होने वाले समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर काफी हद तक निर्भर हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से इन देशों की सुरक्षा लागत बढ़ सकती है और क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण भी बन सकते हैं।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री लाइनों में शामिल है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव या समुद्री अवरोध वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है।

हाल के समय में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गई है।

ट्रंप का दावा- खुला रहेगा होर्मुज मार्ग

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही बाधित नहीं होने दी जाएगी। उनका कहना है कि अमेरिका ऐसी व्यवस्था को दोबारा लागू कर रहा है जिससे समुद्री मार्ग सुरक्षित बना रहे और वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी सुरक्षा भूमिका जारी रखेगा, लेकिन इसके लिए सहयोगी देशों को आर्थिक भागीदारी निभानी होगी।

क्या बढ़ सकती है खाड़ी देशों की आर्थिक चुनौती?

विश्लेषकों का मानना है कि यदि सुरक्षा शुल्क या टोल जैसी व्यवस्था लागू होती है तो खाड़ी देशों के रक्षा बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। साथ ही ऊर्जा व्यापार, समुद्री परिवहन और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव चर्चा के स्तर पर है और इसके लागू होने को लेकर कोई आधिकारिक व्यवस्था सामने नहीं आई है।

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