
कुछ गाने सिर्फ सुने नहीं जाते, बल्कि महसूस किए जाते हैं। उनकी धुन कानों से होकर सीधे दिल तक पहुंचती है और बरसों बाद भी यादों में उसी तरह जिंदा रहती है। Lucky Ali का ऐसा ही एक गीत है ‘Aa Bhi Ja Aa Bhi Ja, Ae Subah Aa Bhi Ja’, जो आज भी सुनने वालों को एक अलग तरह की शांति और उम्मीद का एहसास कराता है। साल 2002 में आई फिल्म Sur: The Melody of Life का यह गीत समय बीतने के साथ पुराना जरूर हुआ, लेकिन इसकी भावनाएं आज भी उतनी ही ताजा लगती हैं।
जब ‘सुबह’ सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं, उम्मीद बन जाती है
इस गाने की सबसे खास बात इसका भाव है। ‘सुबह’ यहां सिर्फ रात के खत्म होने का संकेत नहीं, बल्कि अंधेरे के बाद आने वाली रोशनी और किसी नई शुरुआत की उम्मीद का प्रतीक बन जाती है। गीत का भाव उस बेचैनी को सामने रखता है, जिसमें इंसान किसी अपने के आने और जिंदगी के फिर से खूबसूरत होने का इंतजार करता है।
लकी अली की आवाज में मौजूद ठहराव इस एहसास को और गहरा कर देता है। उनकी गायकी में दिखावटीपन कम और भावनाओं की सादगी ज्यादा नजर आती है। यही वजह है कि यह गीत सुनते हुए श्रोता खुद को इसकी कहानी से जोड़ लेता है।
Lucky Ali और Sunidhi Chauhan की आवाज ने बनाया खास
‘Aa Bhi Ja Aa Bhi Ja, Ae Subah Aa Bhi Ja’ को Lucky Ali और Sunidhi Chauhan ने अपनी आवाज दी थी। गीत का संगीत एम.एम. क्रीम ने तैयार किया था, जबकि इसके बोल मशहूर शायर और गीतकार निदा फ़ाज़ली ने लिखे थे। फिल्म Sur में Lucky Ali के साथ Gauri Karnik भी प्रमुख भूमिका में थीं।
दो अलग अंदाज की आवाजों का मेल इस गाने को खास बनाता है। लकी अली की आवाज जहां गीत में गहराई और ठहराव लाती है, वहीं सुनिधि चौहान की आवाज भावनाओं में एक अलग रंग भरती है।
2002 में रिलीज हुई थी फिल्म ‘Sur’
Sur: The Melody of Life साल 2002 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन तनुजा चंद्रा ने किया था और इसके संगीत की जिम्मेदारी एम.एम. क्रीम ने संभाली थी। फिल्म में संगीत और भावनात्मक रिश्तों की कहानी को प्रमुखता दी गई थी। इसका संगीत आज भी Lucky Ali के प्रशंसकों के बीच खास पहचान रखता है।
निदा फ़ाज़ली के शब्दों की सादगी है गीत की ताकत
इस गीत की खूबसूरती सिर्फ इसकी धुन में नहीं है। निदा फ़ाज़ली की लेखनी ने इसे ऐसा भाव दिया, जिसमें प्रेम, इंतजार, बेचैनी और उम्मीद एक साथ महसूस होती है। गीत में रात को विदा करने और सुबह के आने की कल्पना के जरिए एक भावनात्मक बदलाव को बेहद सहज तरीके से रखा गया है।
यही सादगी इस गीत को आज भी प्रासंगिक बनाती है। जब इंसान किसी मुश्किल दौर से गुजरता है, तब एक बेहतर कल की उम्मीद उसे आगे बढ़ने की ताकत देती है। यह गीत उसी उम्मीद को अपनी धुन और शब्दों के जरिए महसूस कराता है।
Lucky Ali की आवाज का अलग ही जादू
Lucky Ali को भारतीय इंडी-पॉप के उन कलाकारों में गिना जाता है जिन्होंने 1990 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज में एक रफ, सहज और आत्मीय अंदाज रहा है, जिसने उनके रोमांटिक और भावनात्मक गीतों को अलग पहचान दी।
‘ऐ सुबह आ भी जा’ में भी उनकी यही खासियत सुनाई देती है। गाने को सुनते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे कोई व्यक्ति अपने बेहद करीब किसी इंसान से नहीं, बल्कि खुद जिंदगी से एक नई शुरुआत की गुजारिश कर रहा हो।
आज भी क्यों याद आता है यह गाना?
आज संगीत सुनने के तरीके बदल चुके हैं। नए गाने तेजी से लोकप्रिय होते हैं और उतनी ही तेजी से पीछे भी छूट जाते हैं। इसके बावजूद Lucky Ali के पुराने गीतों की लोकप्रियता का एक कारण उनकी भावनात्मक सादगी है।
‘Aa Bhi Ja Aa Bhi Ja, Ae Subah Aa Bhi Ja’ ऐसा ही गीत है, जिसमें प्रेम के साथ इंतजार और उम्मीद का एहसास जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि दो दशक से ज्यादा समय गुजरने के बाद भी इसकी धुन सुनते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं।
कई बार किसी गीत की उम्र उसकी रिलीज डेट से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि वह कितने लंबे समय तक लोगों के दिल में बना रहता है। इस लिहाज से Lucky Ali का यह गीत आज भी उतना ही रूहानी महसूस होता है, जितना अपनी रिलीज के दौर में हुआ होगा।
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