
रावलकोट: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान समर्थित प्रशासन और सेना को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि वे केवल ठोस और परिणाम देने वाली बातचीत चाहते हैं, किसी भी तरह की औपचारिकता या धोखे को स्वीकार नहीं करेंगे। संगठन का कहना है कि यदि वार्ता के नाम पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई तो आंदोलन को और तेज करते हुए तत्काल लॉन्ग मार्च शुरू किया जाएगा।
बातचीत में प्रगति का दावा, लेकिन समझौते पर अभी नहीं बनी बात
आंदोलन का नेतृत्व कर रही जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के अनुसार प्रशासन के साथ हालिया दौर की बातचीत सकारात्मक रही है। कई मुद्दों पर सहमति बनने की बात भी सामने आई है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम और लिखित समझौता नहीं हो सका है। इसी वजह से प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा और जब तक सभी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक पीछे हटने का सवाल नहीं उठता।
किन मुद्दों पर अभी भी बना हुआ है गतिरोध
JAAC के प्रमुख सदस्य उमर नजीर कश्मीरी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल वास्तविक समाधान हासिल करना है। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी। उनके मुताबिक बातचीत के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों और लापता व्यक्तियों से जुड़े मामलों पर सहमति बन गई है।
हालांकि, संगठन पर लगाए गए प्रतिबंध और धारा 302 (हत्या) से जुड़े मामलों को लेकर अभी भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। इन्हीं विवादित मुद्दों के कारण औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर फिलहाल टाल दिए गए हैं।
पाकिस्तान सरकार और सेना को दी सख्त चेतावनी
उमर नजीर कश्मीरी ने पाकिस्तान समर्थित प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की चालबाजी या वादाखिलाफी की गई तो उसका सीधा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि आंदोलनकारी अब किसी तरह के छल या राजनीतिक आश्वासन के भरोसे नहीं बैठेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि वार्ता विफल रही या लोगों के साथ धोखा हुआ तो कमेटी बिना किसी देरी के व्यापक लॉन्ग मार्च का ऐलान करेगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को पहले से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
प्रदर्शन जारी रखने का किया ऐलान
कमेटी का कहना है कि बातचीत के कुछ बिंदुओं पर मौखिक सहमति बनने के बावजूद जब तक सभी मांगों पर लिखित और अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखें और किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहें।
PoK में चल रहे इस आंदोलन पर अब पाकिस्तान सरकार और प्रशासन का अगला कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि लंबित मुद्दों का समाधान नहीं निकलता है तो आने वाले दिनों में क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और अधिक व्यापक रूप ले सकते हैं।
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