
उपवास को लेकर बढ़ा क्रेज, वैज्ञानिक भी मानते हैं इसके फायदे
आज के समय में फास्टिंग यानी उपवास केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वास्थ्य पद्धति के रूप में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही तरीके से किया गया उपवास शरीर को न सिर्फ आराम देता है, बल्कि कई तरह की बीमारियों के जोखिम को भी कम कर सकता है।
वजन घटाने में उपवास कैसे करता है मदद?
उपवास का सबसे बड़ा फायदा वजन कम करने में देखा जाता है। जब शरीर को तय समय तक भोजन नहीं मिलता, तो यह ऊर्जा के लिए जमा फैट को जलाना शुरू कर देता है। इससे कैलोरी इनटेक कम होता है और मेटाबॉलिज्म सक्रिय होकर फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज कर देता है। परिणामस्वरूप धीरे-धीरे वजन घटने लगता है और शरीर अधिक फिट महसूस करता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल और डायबिटीज में फायदेमंद
फास्टिंग शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहने में मदद मिलती है। यह प्रक्रिया टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में भी सहायक मानी जाती है। डॉक्टरों का मानना है कि नियंत्रित उपवास से शरीर ग्लूकोज का बेहतर उपयोग करता है।
दिल की सेहत को मजबूत बनाता है उपवास
उपवास शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित करने में मदद करता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है और दिल लंबे समय तक स्वस्थ रहता है।
सूजन कम करने और सेल रिपेयर में सहायक
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, उपवास शरीर में होने वाली पुरानी सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह ऑटोफैगी (Autophagy) की प्रक्रिया को सक्रिय करता है, जिसमें शरीर पुरानी और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करता है और नई स्वस्थ कोशिकाओं का निर्माण करता है।
निष्कर्ष: सही तरीके से किया गया उपवास देता है कई लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, उपवास को संतुलित और सही तरीके से अपनाने पर यह शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर उपवास शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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