Nepal-India Relations: क्या अब बालेन शाह करेंगे भारत का दौरा? विशेषज्ञ ने बताई वजह, बोले- दोनों देशों को होगा बड़ा फायदा

Nepal India Relations: भारत और नेपाल के बीच बदलते कूटनीतिक समीकरणों के बीच अब नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह के संभावित भारत दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया उच्चस्तरीय मुलाकातों के बाद दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने के लिए बालेन शाह का नई दिल्ली आना अगला अहम कदम साबित हो सकता है।

काठमांडू। भारत और नेपाल के संबंध लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक आधार पर मजबूत रहे हैं, हालांकि समय-समय पर इनमें उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। हाल के दिनों में नेपाल के दो वरिष्ठ नेताओं की भारत यात्रा के बाद अब विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह को भी भारत का दौरा करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच सहयोग और विश्वास को और मजबूती मिलेगी।

भारत-नेपाल संबंधों में नई सक्रियता

नेपाल की सत्ताधारी पार्टी आरएसपी के प्रमुख रबि लामिछाने और विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने जून की शुरुआत में भारत का दौरा किया था। इस दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई शीर्ष भारतीय नेताओं से हुई। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि ये बैठकें वर्ष 2026 में भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण संवादों में शामिल हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन मुलाकातों के बाद अब नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह को स्वयं भारत आकर द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने का प्रयास करना चाहिए।

व्यावहारिक सहयोग पर आधारित हो रहे हैं रिश्ते

राजनीतिक विश्लेषक ऋषि सूरी ने अपने एक लेख में कहा है कि दक्षिण एशिया में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत और नेपाल अपने संबंधों को व्यावहारिक सहयोग के आधार पर मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच केवल औपचारिक बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस साझेदारी पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि व्यापार, सीमा पार कनेक्टिविटी, ऊर्जा क्षेत्र, जल संसाधन प्रबंधन, खेल कूटनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच लगातार संवाद बढ़ रहा है। यही कारण है कि संबंधों में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

शिशिर खनाल की भारत यात्रा क्यों रही खास?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की हालिया भारत यात्रा को केवल औपचारिक दौरा नहीं माना जा रहा है। नई दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। कूटनीतिक हलकों में इस बैठक को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी नेपाली विदेश मंत्री का भारत के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी के साथ इस स्तर पर संवाद दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और रणनीतिक सहयोग का संकेत है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत और नेपाल सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर गहराई से बातचीत कर रहे हैं।

बालेन शाह के भारत दौरे से क्या होंगे फायदे?

विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रधानमंत्री बालेन शाह निकट भविष्य में भारत का दौरा करते हैं तो इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही व्यापार, निवेश, आधारभूत संरचना, ऊर्जा परियोजनाओं और सीमा पार सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तेज़ी से प्रगति संभव हो सकेगी।

इसके अलावा भारत और नेपाल के बीच लोगों के स्तर पर मौजूद ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान क्षेत्रीय परिस्थितियों में दोनों देशों के लिए आपसी सहयोग और संवाद पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

भारत-नेपाल संबंधों पर टिकी नजरें

नेपाल और भारत के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को क्षेत्रीय राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रधानमंत्री बालेन शाह आने वाले समय में भारत का दौरा करते हैं और क्या यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने का काम करेगी।

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