
Health News: शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक गांठ महसूस होना अक्सर लोगों को चिंता में डाल देता है। कई लोग इसे सीधे कैंसर से जोड़ लेते हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामान्य समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज कर देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में बनने वाली हर गांठ कैंसर का संकेत नहीं होती, लेकिन यदि गांठ का आकार तेजी से बढ़ने लगे, वह सख्त हो जाए या उसके ऊपर की त्वचा का रंग बदलने लगे तो इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
शरीर में गांठ बनने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में गांठ बनने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कई बार त्वचा के नीचे फैट जमा होने से लिपोमा (Lipoma) बन जाता है, जो आमतौर पर दर्दरहित और मुलायम होता है। वहीं त्वचा के नीचे तरल पदार्थ जमा होने से सिस्ट (Cyst) बन सकती है। इसके अलावा संक्रमण के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन, चोट लगने के बाद खून का जमाव (हेमेटोमा), हार्मोनल बदलाव या कुछ मामलों में ट्यूमर भी गांठ बनने की वजह बन सकते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी गांठ की गंभीरता उसके आकार, स्थान, बढ़ने की गति और उससे जुड़े अन्य लक्षणों के आधार पर तय की जाती है। इसलिए बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं माना जाता।
हर गांठ कैंसर नहीं होती, ऐसे पहचानें सामान्य और गंभीर गांठ में अंतर
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में बनने वाली अधिकांश गांठें सौम्य (Benign) होती हैं और उनका कैंसर से कोई संबंध नहीं होता। हालांकि कुछ विशेष संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सामान्य गांठ की पहचान
- धीरे-धीरे बढ़ती है।
- छूने पर आसानी से इधर-उधर हिल जाती है।
- मुलायम या रबड़ जैसी महसूस होती है।
- लंबे समय तक आकार में कोई खास बदलाव नहीं होता।
- इसके साथ अन्य गंभीर लक्षण दिखाई नहीं देते।
गंभीर जांच की जरूरत कब होती है?
- गांठ का आकार तेजी से बढ़ने लगे।
- गांठ बहुत सख्त महसूस हो।
- दबाने पर अपनी जगह से न हिले।
- कई सप्ताह तक लगातार बनी रहे।
- बिना दर्द के लगातार बड़ी होती जाए।
- गांठ के ऊपर की त्वचा का रंग बदल जाए या घाव बनने लगे।
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
1. तेजी से बढ़ती गांठ
यदि कुछ दिनों या हफ्तों के भीतर गांठ का आकार लगातार बढ़ रहा है तो यह संक्रमण, ट्यूमर या किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
2. गांठ बहुत कठोर हो और हिलती न हो
यदि गांठ पत्थर जैसी सख्त महसूस हो और दबाने पर अपनी जगह से न हिले तो डॉक्टर इसकी विस्तृत जांच कराने की सलाह देते हैं।
3. त्वचा का रंग बदलने लगे
अगर गांठ के ऊपर की त्वचा लाल, काली या नीली पड़ने लगे, घाव बन जाए या उसमें से तरल पदार्थ निकलने लगे तो यह संक्रमण या किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर देर नहीं करनी चाहिए।
4. बिना वजह वजन घटना या लगातार बुखार रहना
यदि गांठ के साथ तेजी से वजन कम होने लगे, रात में अत्यधिक पसीना आए या लंबे समय तक बुखार बना रहे तो यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
5. लिम्फ नोड्स की सूजन लंबे समय तक बनी रहे
गर्दन, बगल या कमर के आसपास लिम्फ नोड्स संक्रमण के दौरान कुछ समय के लिए सूज सकते हैं, लेकिन यदि यह सूजन कई सप्ताह तक बनी रहे या लगातार बढ़ती जाए तो इसकी जांच कराना आवश्यक है।
6. सांस लेने या निगलने में दिक्कत
यदि गांठ ऐसी जगह हो जहां वह आसपास के अंगों पर दबाव डाल रही हो और सांस लेने, निगलने या चलने-फिरने में परेशानी होने लगे तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में बनने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नई गांठ को लंबे समय तक नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। यदि गांठ तेजी से बढ़ रही हो, सख्त हो गई हो, त्वचा का रंग बदल रहा हो या उसके साथ वजन घटना, लगातार बुखार, रात में पसीना आना या लिम्फ नोड्स की सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर जांच से सामान्य और गंभीर बीमारी के बीच अंतर स्पष्ट किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इलाज जल्दी शुरू किया जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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