
अमेरिका के टेक्सस में भगवान हनुमान की 90 फीट ऊंची प्रतिमा को लेकर विवाद ने राजनीतिक और धार्मिक बहस का रूप ले लिया है। शुगर लैंड स्थित श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर परिसर में स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’ को लेकर यूट्यूबर जेसी ह्यूजेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। ह्यूजेस ने प्रतिमा की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि जब उनका पक्ष जीतेगा तो वे इसे गिरा देंगे। हालांकि, अपनी पोस्ट में उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस जीत की बात कर रहे हैं।
हनुमान प्रतिमा की तस्वीर के साथ किया पोस्ट
जेसी ह्यूजेस को रूढ़िवादी और MAGA से जुड़े एक्टिविस्ट के तौर पर रिपोर्ट किया गया है। उनकी पोस्ट सामने आने के बाद हिंदू संगठनों और कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और टेक्सस में धर्म, आव्रजन और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर भी बहस चल रही है।
ह्यूजेस की टिप्पणी के बाद अमेरिकी सेना के पूर्व सैनिक रुचिर बख्शी ने सोशल मीडिया पर इसका जवाब दिया। बख्शी ने खुद को हिंदू-अमेरिकी और अमेरिकी सेना का कॉम्बैट वेटरन बताया है। उन्होंने कहा कि किसी अमेरिकी समुदाय के पूजा स्थल को केवल इसलिए निशाना बनाने की बात करना कि वहां किसी दूसरे धर्म के लोग पूजा करते हैं, हिंदू धर्म के खिलाफ धमकी के तौर पर देखा जाना चाहिए।
‘मैंने इसके लिए युद्ध नहीं लड़ा था…’
रुचिर बख्शी ने अपनी प्रतिक्रिया में अपनी सैन्य सेवा का भी जिक्र किया। रिपोर्टों के मुताबिक, वह अफगानिस्तान और इराक में युद्ध क्षेत्रों में तैनात रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना की वर्दी इसलिए नहीं पहनी, परिवार से दूर जाकर युद्ध में इसलिए हिस्सा नहीं लिया कि बाद में कोई यह घोषणा करे कि उसके पक्ष के जीतने पर उनके धर्म को निशाना बनाया जाएगा।
बख्शी ने यह भी कहा कि जिन हिंदू समुदायों को निशाना बनाए जाने की बात हो रही है, उनके लोग अमेरिका में टैक्स देते हैं, कारोबार करते हैं और अपने बच्चों को उसी देश की सेना में भेजते हैं, जिसकी उन्होंने खुद सेवा की है। उनके बयान के बाद अन्य लोगों और हिंदू संगठनों की ओर से भी ह्यूजेस की टिप्पणी की आलोचना सामने आई।
COHNA समेत अन्य लोगों ने किया समर्थन
बख्शी की प्रतिक्रिया को Coalition of Hindus of North America (COHNA) और टेक्सस में रहने वाले पूर्व अमेरिकी सैनिक कार्ल व्हीलेस का समर्थन मिला। COHNA ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाली टिप्पणियों पर चिंता जताई और बख्शी के साथ खड़े होने की बात कही।
2024 में हुई थी प्रतिमा की स्थापना
टेक्सस के शुगर लैंड स्थित श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर परिसर में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’ के नाम से जानी जाने वाली भगवान हनुमान की यह प्रतिमा अगस्त 2024 में स्थापित की गई थी। करीब 90 फीट ऊंची इस प्रतिमा को उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमाओं में बताया गया है। स्थापना के बाद से ही यह प्रतिमा धार्मिक और सांस्कृतिक बहस का विषय रही है।
स्थानीय हिंदू समुदाय के लिए यह प्रतिमा धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी सांस्कृतिक पहचान और एकता का प्रतीक मानी जाती है। दूसरी ओर, कुछ रूढ़िवादी ईसाई समूहों की ओर से इसके धार्मिक स्वरूप को लेकर आपत्तियां जताई गई हैं। 2024 में भी प्रतिमा को लेकर विरोध की खबरें सामने आई थीं।
चुनावी माहौल में फिर गरमाया मुद्दा
अब जेसी ह्यूजेस की पोस्ट के बाद पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ह्यूजेस ने ‘जब हम जीतेंगे’ कहकर प्रतिमा गिराने की बात तो कही, लेकिन पोस्ट में जीत से उनका आशय किस चुनाव या राजनीतिक घटनाक्रम से था, यह स्पष्ट नहीं किया। इस टिप्पणी ने अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता, हिंदू-अमेरिकी समुदाय और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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