यमन में हूतियों की नई चाल: पहाड़ी इलाकों पर कब्जे की कोशिश, सऊदी समर्थित सेनाओं को घेरने की तैयारी

डिजिटल डेस्क, रियाद। यमन में जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ लेता नजर आ रहा है। हूती लड़ाके अब रणनीतिक रूप से अहम पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। उनका लक्ष्य लाल सागर के तट से जुड़े उन इलाकों को सऊदी अरब समर्थित यमनी सेनाओं से अलग करना बताया जा रहा है, जो अभी भी सरकार समर्थित बलों के नियंत्रण में हैं।

लाल सागर तट को अलग-थलग करने की कोशिश

सोमवार को हूती लड़ाकों ने यमन के रणनीतिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ने का प्रयास किया। रिपोर्टों के मुताबिक, ताइज़ और लहज प्रांतों में स्थित कहबूब पहाड़ियां इस सैन्य गतिविधि का अहम केंद्र बनी हुई हैं। इन इलाकों पर नियंत्रण मिलने से हूतियों को लाल सागर के तटीय क्षेत्रों और दक्षिण में मौजूद सऊदी समर्थित सेनाओं के बीच संपर्क बाधित करने में रणनीतिक लाभ मिल सकता है।

हूतियों ने इसी महीने यमन के लाल सागर तट पर तेजी से बढ़त बनाई है। इस दौरान मोखा बंदरगाह समेत कई महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्रों पर उनका कब्जा होने की रिपोर्ट सामने आई है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों की ओर उनका नया अभियान उनके क्षेत्रीय नियंत्रण को और मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

सऊदी समर्थित सेनाओं के सामने बढ़ी चुनौती

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब का समर्थन हासिल है। दूसरी ओर हूती लड़ाके 2014 से राजधानी सना पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। इस महीने तटीय इलाकों में हूतियों की तेज सैन्य बढ़त ने संघर्ष को एक नए चरण में पहुंचा दिया है।

रणनीतिक पहाड़ी इलाकों पर नियंत्रण की कोशिश इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्र सैन्य गतिविधियों और महत्वपूर्ण मार्गों पर निगरानी के लिहाज से अहम होते हैं। यदि हूती इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करते हैं तो सऊदी समर्थित बलों के लिए लाल सागर तट और दक्षिणी इलाकों के बीच आवाजाही मुश्किल हो सकती है।

ट्रंप के कथित फैसले के बाद तेज हुई हलचल

हूतियों की इस सैन्य गतिविधि के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर भी एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ हवाई हमले की तैयारी की थी, लेकिन ट्रंप ने आखिरी समय में इसे रोक दिया। रॉयटर्स ने कहा कि वह इस रिपोर्ट की तत्काल स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस संबंध में पूछे गए सवाल का तत्काल जवाब नहीं दिया।

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की ओर से अमेरिका से यमन में सैन्य मदद की अपील किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, वाशिंगटन ने अब तक इस संघर्ष में सीधे सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखी है।

संघर्ष का असर लाल सागर और वैश्विक व्यापार पर

यमन में बढ़ती सैन्य गतिविधियों का असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने से जहाजों की आवाजाही, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक शिपिंग पर दबाव बढ़ने की आश अनुसार, सितंबर में शुरू हुई नई लड़ाई में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। अल जजीरा ने अधिकारियों के हवाले से कम से कम 674 लोगों की मौत और 1.58 लाख से अधिक लोगों के विस्थापित होने की जानकारी दी है। में रणनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है। लाल सागर के तटीय क्षेत्रों में हालिया बढ़त के बाद अब ऊंचाई वाले इलाकों पर नियंत्रण की कोशिश से सऊदी समर्थित सेनाओं पर दबाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में कहबूब पहाड़ियों और आसपास के रणनीतिक क्षेत्रों में लड़ाई की दिशा इस बात के लिए महत्वपूर्ण होगी कि यमन में दोनों पक्षों के बीच शक्ति संतुलन किस तरह बदलता हैंका बनी हुई है।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर में शुरू हुई नई लड़ाई में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। अल जजीरा ने अधिकारियों के हवाले से कम से कम 674 लोगों की मौत और 1.58 लाख से अधिक लोगों के विस्थापित होने की जानकारी दी है।

आगे क्या होगा, इस पर टिकी नजर

हूतियों का पहाड़ी इलाकों की ओर बढ़ना यमन के संघर्ष में रणनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है। लाल सागर के तटीय क्षेत्रों में हालिया बढ़त के बाद अब ऊंचाई वाले इलाकों पर नियंत्रण की कोशिश से सऊदी समर्थित सेनाओं पर दबाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में कहबूब पहाड़ियों और आसपास के रणनीतिक क्षेत्रों में लड़ाई की दिशा इस बात के लिए महत्वपूर्ण होगी कि यमन में दोनों पक्षों के बीच शक्ति संतुलन किस तरह बदलता है।

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