अगर बालों का झड़ना, रूखापन और डैंड्रफ जैसी समस्याएं आपको परेशान कर रही हैं, तो हेयर केयर रूटीन में इस्तेमाल होने वाले शैंपू पर भी ध्यान देना जरूरी है। बाजार में कई तरह के शैंपू उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ लोग रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पारंपरिक हर्बल विकल्प तलाशते हैं। ऐसे में रीठा, आंवला और शिकाकाई से तैयार किया जाने वाला घरेलू क्लेंजर एक विकल्प हो सकता है। हाल ही में इस तरह के होममेड रीठा-आंवला शैंपू को लेकर जानकारी सामने आई है।
रीठा-आंवला शैंपू के लिए चाहिए ये चीजें
घर पर यह हर्बल शैंपू तैयार करने के लिए सूखा रीठा, सूखा आंवला और शिकाकाई की जरूरत होगी। इसके अलावा इसमें मेथी दाना भी मिलाया जा सकता है। बताई गई विधि के अनुसार 100 ग्राम बीज निकला सूखा रीठा, 100 ग्राम सूखा आंवला, 100 ग्राम सूखा शिकाकाई, दो बड़े चम्मच मेथी दाना और करीब 1 से 1.5 लीटर पानी लिया जाता है।
रातभर भिगोकर रखें, फिर धीमी आंच पर पकाएं
सबसे पहले रीठा, आंवला, शिकाकाई और मेथी दाने को एक बर्तन में डालकर पानी मिलाएं। इस मिश्रण को रातभर यानी करीब 8 से 10 घंटे तक भिगोकर रखने की सलाह दी गई है। अगले दिन इसे धीमी आंच पर करीब 15 से 20 मिनट तक पकाएं। इस दौरान पानी की मात्रा कम हो जाएगी और जड़ी-बूटियों का अर्क पानी में आ जाएगा।
ठंडा होने के बाद इस तरह तैयार करें शैंपू
मिश्रण को पकाने के बाद उसे ठंडा होने दें। जब यह गुनगुना रह जाए तो रीठा, आंवला और शिकाकाई को हाथों से अच्छी तरह मसलें, ताकि उनका अर्क पानी में अच्छी तरह मिल जाए। इसके बाद मिश्रण को सूती कपड़े या बारीक छलनी से छान लें। छना हुआ तरल ही इस घरेलू हर्बल शैंपू के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
बालों में लगाने का सही तरीका
बालों को पहले सामान्य पानी से अच्छी तरह गीला करें। इसके बाद तैयार किए गए शैंपू की थोड़ी मात्रा लेकर स्कैल्प पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। इस तरह के प्राकृतिक क्लेंजर में बाजार के शैंपू की तरह ज्यादा झाग जरूरी नहीं है। मसाज के बाद करीब 2 से 3 मिनट में बालों को सादे पानी से अच्छी तरह धो लें।
कितने दिन तक रख सकते हैं?
तैयार मिश्रण को साफ कांच की बोतल या साफ पुराने शैंपू कंटेनर में रखा जा सकता है। संबंधित रिपोर्ट में इसे फ्रिज में रखने पर करीब 15 से 20 दिनों तक इस्तेमाल योग्य बताए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, घर में बने पानी-आधारित मिश्रण में प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए खराब होने के संकेत दिखें तो इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
क्या इससे बालों का झड़ना पूरी तरह रुक जाएगा?
रीठा, आंवला, शिकाकाई और मेथी को पारंपरिक हेयर केयर में इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन किसी घरेलू शैंपू से बालों का झड़ना निश्चित रूप से रुकने या बालों के दोबारा उगने की गारंटी नहीं दी जा सकती। हेयर फॉल के पीछे डैंड्रफ, पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, तनाव या दूसरी वजहें हो सकती हैं। लगातार या बहुत ज्यादा बाल झड़ने की स्थिति में कारण की पहचान के लिए त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है।
पहली बार इस्तेमाल से पहले रखें ध्यान
प्राकृतिक सामग्री होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति की त्वचा के लिए यह पूरी तरह सुरक्षित ही होगी। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर प्रतिक्रिया देखना बेहतर है। आंखों में जाने से बचाएं और जलन, लालिमा या खुजली होने पर इस्तेमाल बंद कर दें।
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