
लखनऊ: उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य सरकार अब जिला स्तर पर आर्थिक विकास को डेटा और विशेषज्ञता के आधार पर आगे बढ़ाएगी, जिससे प्रदेश की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया बड़ा निर्णय
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में ‘मुख्यमंत्री फेलो’ की तैनाती की जाए। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति देना और योजनाओं को परिणामोन्मुख बनाना है।
सरकार का मानना है कि अब विकास केवल योजनाओं तक सीमित न रहकर, जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
हर जिले में दो विशेषज्ञ होंगे तैनात
बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक जिले में दो विशेषज्ञों को ‘मुख्यमंत्री फेलो’ के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इनमें एक आर्थिक विकास विशेषज्ञ और दूसरा डेटा विश्लेषक होगा। ये दोनों मिलकर जिले की आर्थिक स्थिति, संसाधनों और निवेश संभावनाओं का गहन विश्लेषण करेंगे।
इस पहल के जरिए जिला स्तर पर ऐसी रणनीतियां तैयार की जाएंगी, जो स्थानीय जरूरतों और अवसरों के अनुसार हों। इससे न सिर्फ योजनाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी।
डेटा आधारित विकास को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकास की प्रक्रिया को पूरी तरह साक्ष्य-आधारित और डेटा-ड्रिवन बनाया जाए। ‘मुख्यमंत्री फेलो’ जिले में चल रही आर्थिक गतिविधियों की नियमित निगरानी करेंगे और उनकी प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपलोड करेंगे।
इसके अलावा, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर पर हर तीन महीने में प्रगति की समीक्षा और प्रस्तुतीकरण भी अनिवार्य किया गया है। इससे जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित होंगी।
रोजगार और निवेश को मिलेगी नई गति
सरकार का लक्ष्य है कि इस नई व्यवस्था के माध्यम से निवेश को बढ़ावा मिले, रोजगार के नए अवसर पैदा हों और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो। विशेषज्ञों की मदद से हर जिले की खासियत के अनुसार विकास मॉडल तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘मुख्यमंत्री फेलो’ के चयन में उच्च शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि योजना का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो सके।
ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ता यूपी
उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इस दिशा में लगातार नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं और यह नई पहल उसी कड़ी का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो प्रदेश की आर्थिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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