
स्वस्थ और लंबी जिंदगी की चाह में नई खोज ने खोला राज:- हर व्यक्ति चाहता है कि वह लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जिए। इसके लिए दुनियाभर में वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में लीसेस्टर के बायोकेमिकल रिसर्च सेंटर की एक स्टडी ने चौंकाने वाला दावा किया है। शोध के अनुसार आपकी चलने की गति यानी वॉकिंग स्पीड सीधे तौर पर आपकी उम्र और हेल्थ पर असर डाल सकती है। यह अध्ययन बताता है कि तेज चलने वाले लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी धीमे चलने वालों की तुलना में अधिक हो सकती है।
चलने की स्पीड और शरीर की सेहत का गहरा कनेक्शन:- रिसर्च के मुताबिक, रोजाना पैदल चलना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। यह न सिर्फ शरीर को एक्टिव रखता है बल्कि दिल, फेफड़े और मेटाबॉलिज्म को भी मजबूत बनाता है। लेकिन स्टडी में यह बात सामने आई है कि सिर्फ चलना ही नहीं, बल्कि किस स्पीड से चल रहे हैं यह भी बेहद महत्वपूर्ण है। तेज गति से चलने वाले लोगों में फिटनेस लेवल बेहतर पाया गया और उनकी शारीरिक उम्र अपेक्षाकृत कम देखी गई।
धीमी और तेज चाल वालों में बड़ा फर्क:- लीसेस्टर की इस रिसर्च में यह तुलना भी की गई कि धीमी चाल और तेज चाल वाले लोगों में स्वास्थ्य और जीवन अवधि का क्या अंतर होता है। निष्कर्ष में पाया गया कि जो लोग तेज गति से चलते हैं, उनमें हार्ट हेल्थ बेहतर होती है और वे अधिक एक्टिव रहते हैं। वहीं धीमी चाल वाले लोगों में कई बार मेटाबॉलिक और उम्र से जुड़ी समस्याओं का खतरा ज्यादा देखा गया।
दूसरी रिसर्च ने बताया कारण भी:- इसी सेंटर की एक अन्य स्टडी ने इस बात की वजह भी समझाई है। वैज्ञानिकों के अनुसार तेज चलने वाले लोगों का शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है, जिससे उनका कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है। इसके अलावा उनका फिटनेस लेवल लंबे समय तक बना रहता है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।
निष्कर्ष नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल का संकेत:- यह शोध किसी निश्चित नियम की तरह नहीं बल्कि एक लाइफस्टाइल संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। रोजाना तेज चाल से वॉक करना एक आसान आदत है, जो आपकी सेहत को बेहतर बनाने और लंबी उम्र पाने में मदद कर सकती है।
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