यूपी पंचायत चुनाव 2026: ओबीसी आरक्षण पर योगी सरकार का बड़ा कदम, अब ऐसे तय होगी प्रधान से जिला पंचायत तक की सीटें

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। योगी सरकार ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए समर्पित राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर दिया है। माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।

सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। पंचायत स्तर पर दावेदारी की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की नजर अब आयोग की रिपोर्ट और आगामी आरक्षण सूची पर टिक गई है।

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण का होगा सर्वे

राज्य सरकार द्वारा गठित समर्पित राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी की वास्तविक हिस्सेदारी का विस्तृत सर्वे करेगा। आयोग यह पता लगाएगा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में पिछड़े वर्ग की आबादी और प्रतिनिधित्व की स्थिति क्या है।

इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से आरक्षण लागू करने से भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या कानूनी अड़चन नहीं आएगी।

ग्राम प्रधान से जिला पंचायत तक चुनाव प्रक्रिया होगी आगे

आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद पंचायत चुनाव की सबसे अहम प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें ग्राम प्रधान चुनाव, बीडीसी सदस्य चुनाव और जिला पंचायत सदस्य चुनाव के लिए आरक्षण अधिसूचना जारी की जाएगी।

आरक्षण सूची जारी होने के बाद ही सीटों का अंतिम निर्धारण होगा और इसके साथ चुनावी सरगर्मियां और तेज होने की संभावना है। पंचायत स्तर पर सक्रिय राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

सरकार की नजर कानूनी मजबूती पर

सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस बार पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह कानूनी रूप से मजबूत बनाना चाहती है। इसी वजह से आयोग का गठन किया गया है ताकि आरक्षण निर्धारण में पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह का विवाद पैदा न हो।पिछले पंचायत चुनावों में आरक्षण को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। ऐसे में इस बार सरकार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है।

पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

यूपी पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तौर पर भी बेहद अहम माना जाता है। पंचायत प्रतिनिधियों के जरिए गांव स्तर पर राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।ओबीसी आरक्षण की नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई सीटों का समीकरण बदल सकता है। इससे संभावित उम्मीदवारों की रणनीति पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है।

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