कंपाला: युगांडा में मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। देश के सेना प्रमुख और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे मुहूजी काइनरुगाबा ने दो प्रमुख मीडिया संस्थानों के संचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें “फ्री प्रेस” यानी स्वतंत्र प्रेस की अवधारणा पर विश्वास नहीं है और मीडिया को सरकार तथा क्रांतिकारी नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप काम करना चाहिए।
सेना प्रमुख ने दो बड़े मीडिया संस्थानों को बंद करने का दिया आदेश
युगांडा सेना प्रमुख मुहूजी काइनरुगाबा ने देश के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र डेली मॉनिटर और निजी प्रसारण नेटवर्क NTV Uganda के संचालन पर रोक लगाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी अनुमति के बिना इन संस्थानों को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे कोई आधिकारिक या विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया।
सोशल मीडिया पर कहा- स्वतंत्र प्रेस की अवधारणा स्वीकार नहीं
मुहूजी काइनरुगाबा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें स्वतंत्र प्रेस की व्यवस्था पर विश्वास नहीं है। उनके अनुसार मीडिया का दायित्व सरकार और क्रांतिकारी नेतृत्व के मार्गदर्शन में काम करना होना चाहिए। उन्होंने यह दावा भी किया कि इन मीडिया संस्थानों के बंद होने से उन्हें प्रतिदिन लगभग 50 लाख अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो रहा है और यह जानकारी सुनकर उन्हें संतोष हो रहा है।
राजधानी कंपाला में सेना की तैनाती, कर्मचारियों की आवाजाही पर भी असर
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार राजधानी कंपाला स्थित नेशन मीडिया ग्रुप के कार्यालय के बाहर सेना के जवान तैनात किए गए। बताया गया कि कर्मचारियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। रविवार सुबह तक NTV Uganda सहित समूह के अन्य टीवी और रेडियो चैनलों का प्रसारण भी बंद बताया गया।
विवादों से पुराना नाता, पहले भी रहे हैं चर्चा में
मुहूजी काइनरुगाबा इससे पहले भी अपने विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। विपक्षी नेता बॉबी वाइन के खिलाफ दिए गए उनके बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने थे। उन्हें लंबे समय से राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी का संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी भी माना जाता है।
2013 में भी बंद हुआ था डेली मॉनिटर
यह पहला अवसर नहीं है जब डेली मॉनिटर को सरकारी कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो। वर्ष 2013 में राष्ट्रपति के उत्तराधिकार से जुड़ी एक खबर प्रकाशित होने के बाद इस अखबार का संचालन करीब दस दिनों तक बंद कर दिया गया था। उस समय भी इस कार्रवाई ने प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी थी।
1986 से सत्ता में हैं राष्ट्रपति मुसेवेनी
राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी वर्ष 1986 से लगातार युगांडा की सत्ता संभाल रहे हैं। उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से अपने उत्तराधिकारी को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। हालांकि, सुरक्षा और सैन्य मामलों में उनके बेटे मुहूजी काइनरुगाबा की बढ़ती भूमिका को भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जाता है। दूसरी ओर विपक्षी नेता बॉबी वाइन विवादित चुनावों के बाद से सार्वजनिक रूप से बेहद सीमित दिखाई दिए हैं।
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