
वाराणसी। काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरती पर आयोजित सोमनाथ संकल्प महोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और सनातन विरोधी बयान देने वालों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने सनातन संस्कृति को मिटाने का सपना देखा, जनता ने उन्हें लोकतंत्र के जरिए करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन भारत की आत्मा है और इसे समाप्त करने की सोच रखने वाले खुद ही राजनीतिक रूप से समाप्त हो गए।
काशी से दिया बड़ा संदेश
वाराणसी में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिला रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है। काशी इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है।
सीएम योगी ने कहा कि पहले भारत की आस्था और परंपराओं का मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन अब वही भारत वैश्विक मंच पर अपनी संस्कृति का डंका बजा रहा है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम से लेकर अयोध्या तक, देश में धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है।
पीएम मोदी की जमकर सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने अपनी खोई हुई सांस्कृतिक पहचान को फिर से स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को सिर्फ आध्यात्मिक नहीं बल्कि विकास और आधुनिकता का भी केंद्र बनाया है।
योगी ने कहा कि वाराणसी आज विकास, पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक विरासत का मॉडल बन चुकी है। यहां आने वाला हर व्यक्ति भारत की प्राचीन सभ्यता और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम देख सकता है।
सनातन विरोधी सोच पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए सनातन धर्म पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को देश की जनता ने बार-बार नकारा है। योगी बोले कि सनातन किसी जाति या वर्ग का नहीं बल्कि पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग है।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सहिष्णुता, करुणा और विश्व बंधुत्व का संदेश देती है। यही कारण है कि दुनिया आज भारतीय जीवन मूल्यों को स्वीकार कर रही है।
सोमनाथ संकल्प महोत्सव में उमड़ी भीड़
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, धर्माचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा समर्थक मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
आयोजन में काशी की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और राष्ट्र निर्माण में धर्म की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। मंच से भारत की आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
काशी की धरती से राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनावों के बाद काशी से दिया गया यह संदेश सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। भाजपा लगातार सनातन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को अपने प्रमुख एजेंडे के रूप में आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण को आगामी राजनीतिक रणनीति और सांस्कृतिक विमर्श से जोड़कर भी देखा जा रहा है। काशी में आयोजित यह कार्यक्रम आने वाले समय में प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बन सकता है।
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