उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बागपत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सनातन परंपरा, भारत की सांस्कृतिक विरासत और योगियों की ऐतिहासिक भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में योगी केवल गुफाओं तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि समाज के मार्गदर्शन, राष्ट्र निर्माण और संस्कृति की रक्षा में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। मुख्यमंत्री का यह बयान अब राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
योगियों की परंपरा को लेकर CM योगी का बड़ा संदेश
बागपत में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ने हमेशा मानवता को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि सनातन धर्म ने कभी किसी को जबरन गुलाम नहीं बनाया और न ही भारत ने कभी किसी दूसरे देश की भूमि पर कब्जा करने की नीति अपनाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान हमेशा से ज्ञान, अध्यात्म और मानव कल्याण की रही है। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों और योगियों ने समाज को नई दिशा देने का कार्य किया और राष्ट्र की चेतना को जीवित रखा। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि आज भारत फिर से अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों के आधार पर दुनिया में नई पहचान बना रहा है।
सनातन धर्म पर विपक्ष को घेरा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सनातन धर्म को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, लेकिन भारत की जनता अब जागरूक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है, जिसने पूरी दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश दिया।
सीएम योगी ने कहा कि भारत ने हमेशा विश्व शांति और मानव कल्याण की बात की है। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति और विरासत को कमजोर करने वालों को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
बागपत में विकास योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। बागपत समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाले राज्यों में शामिल करना है। साथ ही युवाओं को रोजगार और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
CM योगी के बयान की राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के जरिए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारतीय परंपरा को मजबूती से सामने रखने की कोशिश की है।उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आ रही हैं। समर्थक इसे भारत की सांस्कृतिक चेतना से जुड़ा संदेश बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इस बयान को राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं|
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