Tag Archives: Sanatan Dharma

अजय राय पर सीएम योगी का हमला: ‘जिसने भाई की हत्या की, उसके आगे क्यों हुए नतमस्तक?’ बोले- हमने उस माफिया की भूसी निकाल दी

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कथित मछली भोज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कांग्रेस पर दोहरे …

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दिन-रात पूजा के बाद भी क्यों नहीं मिलता फल? जानें उस छोटे से दान का रहस्य जो बदल सकता है भाग्य

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि वे लंबे समय से पूजा-पाठ, व्रत और भगवान की भक्ति कर रहे हैं, फिर भी उनकी मनोकामनाएं पूरी क्यों नहीं होतीं। वहीं कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि कोई व्यक्ति बहुत अधिक पूजा-पाठ नहीं करता, लेकिन थोड़े से दान-पुण्य या किसी नेक काम का उसे अपेक्षित फल मिल …

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गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे सीएम योगी, गुरु पूजा के बाद विपक्ष पर साधा निशाना, बोले- ‘कुछ लोग चंड-मुंड के पूजक’

गोरखनाथ मंदिर में परंपरा के अनुसार की गुरु पूजा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ गुरु पूजा की। इस दौरान उन्होंने महायोगी गुरु गोरखनाथ, ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ समेत नाथ परंपरा के पूज्य गुरुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और धार्मिक अनुष्ठानों में …

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Sawan Green Bangles: सावन में हरी चूड़ियां पहनना क्यों माना जाता है शुभ? जानें शास्त्रों में बताए गए नियम और धार्मिक महत्व

Sawan Green Bangles Importance: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस महीने में पूजा-पाठ के साथ-साथ कई धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है। इन्हीं परंपराओं में से एक है सुहागिन महिलाओं द्वारा हरे रंग की चूड़ियां पहनना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में हरी चूड़ियां पहनने से …

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16 संस्कारों का पहला चरण: गर्भ से बचपन तक क्यों किए जाते हैं ये संस्कार? जानिए सनातन धर्म की परंपरा, महत्व और वैज्ञानिक दृष्टि

Sanatan Dharma 16 Sanskar: सनातन धर्म में मनुष्य के जीवन को केवल जन्म और मृत्यु तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि उसके संपूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण के लिए विभिन्न संस्कारों की व्यवस्था की गई है। इन्हें षोडश संस्कार (16 संस्कार) कहा जाता है। इन संस्कारों का उद्देश्य व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करते हुए उसके आध्यात्मिक, …

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भगवान की प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा क्या है? जानिए ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग और सफल साधना के रहस्य

भगवान की प्राप्ति का मार्ग कठिन नहीं, बल्कि सरल और सहज माना गया है। जानिए साधना में आने वाली सबसे बड़ी बाधाएं, अहंकार से बचने के उपाय, निष्काम भक्ति का महत्व और ईश्वर तक पहुंचने का सरल आध्यात्मिक मार्ग। भगवान की प्राप्ति का मार्ग कठिन नहीं, मन की शुद्धता और समर्पण है सबसे बड़ी कुंजी भगवान की प्राप्ति को लेकर …

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Nirjala Ekadashi 2026: साल का सबसे कठिन व्रत कल, भूलकर भी न करें ये 9 गलतियां, नहीं मिलेगा पूरा पुण्य

Nirjala Ekadashi 2026 Rules: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वर्षभर आने वाली 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी सबसे श्रेष्ठ और पुण्यदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से सभी एकादशी व्रतों के बराबर फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि इसे भीमसेन एकादशी के …

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Yogi Government: सुरक्षा, सुशासन और सनातन गौरव का मॉडल बना योगी राज, 9 साल से ज्यादा के कार्यकाल ने बदली यूपी की तस्वीर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों से अधिक का कार्यकाल केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सुरक्षा, सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के एक व्यापक दौर के रूप में देखा जा रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने से लेकर विकास परियोजनाओं को गति देने और सांस्कृतिक विरासत को …

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Kaal Bhairav Mandir: आखिर क्यों बाबा काल भैरव को कहा जाता है काशी का कोतवाल? जानिए वाराणसी में उनके अद्वितीय अधिकार और महिमा

वाराणसी। सनातन धर्म में बाबा काल भैरव का स्थान अत्यंत विशेष और प्रभावशाली माना जाता है। उन्हें काशी का कोतवाल कहा जाता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की प्रिय नगरी वाराणसी की सुरक्षा, व्यवस्था और धर्म रक्षा का दायित्व स्वयं बाबा काल भैरव के हाथों में है। मान्यता है कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति …

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Bhakti Ke Prakar: भक्ति कितने प्रकार की होती है? जानिए नवधा भक्ति से लेकर ज्ञानी भक्त तक, सनातन धर्म में क्या है इसका महत्व

Bhakti Types in Hinduism: ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग क्यों मानी जाती है भक्ति? सनातन धर्म में भक्ति को आत्मा और परमात्मा के बीच का सबसे पवित्र संबंध माना गया है। शास्त्रों के अनुसार भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम, अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण का भाव है। जब व्यक्ति …

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