Tag Archives: Sanatan Dharma

भगवान की प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा क्या है? जानिए ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग और सफल साधना के रहस्य

भगवान की प्राप्ति का मार्ग कठिन नहीं, बल्कि सरल और सहज माना गया है। जानिए साधना में आने वाली सबसे बड़ी बाधाएं, अहंकार से बचने के उपाय, निष्काम भक्ति का महत्व और ईश्वर तक पहुंचने का सरल आध्यात्मिक मार्ग। भगवान की प्राप्ति का मार्ग कठिन नहीं, मन की शुद्धता और समर्पण है सबसे बड़ी कुंजी भगवान की प्राप्ति को लेकर …

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Nirjala Ekadashi 2026: साल का सबसे कठिन व्रत कल, भूलकर भी न करें ये 9 गलतियां, नहीं मिलेगा पूरा पुण्य

Nirjala Ekadashi 2026 Rules: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वर्षभर आने वाली 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी सबसे श्रेष्ठ और पुण्यदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से सभी एकादशी व्रतों के बराबर फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि इसे भीमसेन एकादशी के …

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Yogi Government: सुरक्षा, सुशासन और सनातन गौरव का मॉडल बना योगी राज, 9 साल से ज्यादा के कार्यकाल ने बदली यूपी की तस्वीर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों से अधिक का कार्यकाल केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सुरक्षा, सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के एक व्यापक दौर के रूप में देखा जा रहा है। राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने से लेकर विकास परियोजनाओं को गति देने और सांस्कृतिक विरासत को …

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Kaal Bhairav Mandir: आखिर क्यों बाबा काल भैरव को कहा जाता है काशी का कोतवाल? जानिए वाराणसी में उनके अद्वितीय अधिकार और महिमा

वाराणसी। सनातन धर्म में बाबा काल भैरव का स्थान अत्यंत विशेष और प्रभावशाली माना जाता है। उन्हें काशी का कोतवाल कहा जाता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की प्रिय नगरी वाराणसी की सुरक्षा, व्यवस्था और धर्म रक्षा का दायित्व स्वयं बाबा काल भैरव के हाथों में है। मान्यता है कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति …

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Bhakti Ke Prakar: भक्ति कितने प्रकार की होती है? जानिए नवधा भक्ति से लेकर ज्ञानी भक्त तक, सनातन धर्म में क्या है इसका महत्व

Bhakti Types in Hinduism: ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग क्यों मानी जाती है भक्ति? सनातन धर्म में भक्ति को आत्मा और परमात्मा के बीच का सबसे पवित्र संबंध माना गया है। शास्त्रों के अनुसार भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम, अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण का भाव है। जब व्यक्ति …

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Parikrama Rules: मंदिर में परिक्रमा करते समय भूलकर भी न करें ये गलती, जानिए किस देवता की कितनी परिक्रमा से मिलता है शुभ फल

Parikrama in Hinduism: क्यों की जाती है परिक्रमा और क्या हैं इसके धार्मिक नियम? हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और उपासना की परंपराओं का विशेष महत्व माना गया है। इन्हीं धार्मिक विधियों में परिक्रमा या प्रदक्षिणा को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी कर्म बताया गया है। मान्यता है कि भगवान, पवित्र नदियों, तीर्थस्थलों और पूजनीय वृक्षों की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा करने से व्यक्ति …

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राम कथा मंच से सीएम योगी का बड़ा संदेश: संस्कृति पर हमला करने वालों को नहीं मिलेगी जगह, बोले- भारत की पहचान सनातन मूल्यों से

लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय ‘श्री राम कथा महोत्सव’ का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में पहुंचकर श्रद्धालुओं और संत समाज को संबोधित किया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की पावन राम कथा के मंच से मुख्यमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय अस्मिता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। सांस्कृतिक …

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CM योगी का बड़ा बयान: ‘हर समस्या का समाधान राम के नाम में’, लखनऊ में श्रीराम कथा महोत्सव से दिया संदेश

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए बड़ा संदेश दिया। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की पावन उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी समाज की अनेक चुनौतियों और समस्याओं का समाधान …

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Kishkindha Kand Benefits: खोया सम्मान और संपत्ति वापस दिलाने वाला रामायण का यह कांड, पढ़ने से बढ़ती है नेतृत्व क्षमता और मिलती है सफलता की नई राह

Kishkindha Kand Path Benefits: रामायण का चौथा अध्याय किष्किंधा कांड केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, नेतृत्व, मित्रता और संघर्ष से सफलता तक पहुंचने का अद्भुत मार्गदर्शक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका नियमित पाठ व्यक्ति को खोई हुई प्रतिष्ठा, सम्मान और संपत्ति की पुनर्प्राप्ति में सहायता करता है। साथ ही यह कठिन परिस्थितियों में धैर्य, …

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Maa Tripur Bhairavi: दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या, अहंकार का करती हैं नाश, साधना से मिलती है शत्रुओं पर विजय

सनातन धर्म में आदिशक्ति के अनेक स्वरूपों की उपासना की जाती है, लेकिन दस महाविद्याओं का स्थान अत्यंत विशेष माना गया है। इन्हीं दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या के रूप में पूजित मां त्रिपुर भैरवी को उग्र शक्ति, तेज और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी आराधना से साधक के जीवन की नकारात्मक शक्तियों का …

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