नई दिल्ली। जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर बुधवार को टोक्यो से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गई हैं। तीन दिवसीय इस यात्रा के दौरान वह भारत-जापान संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगी। दोनों नेताओं के बीच होने वाला 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव माना जा रहा है।
भारत-जापान शिखर सम्मेलन पर टिकी नजरें
नई दिल्ली पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में निवेश बढ़ाने, द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा देने, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे कई अहम मुद्दे एजेंडे में शामिल रहेंगे।
तीन दिवसीय दौरे में कई अहम कार्यक्रम
प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का भारत दौरा 1 जुलाई से 3 जुलाई तक प्रस्तावित है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों पक्ष भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
मोदी के जापान दौरे के बाद पहली बड़ी बैठक
यह उच्चस्तरीय मुलाकात अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के बाद आयोजित हो रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मजबूत रिश्तों को नई दिशा देने के साथ-साथ आर्थिक, रक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने पर भी विशेष जोर रहेगा।
भारत और जापान लंबे समय से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग भविष्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का यह पहला भारत दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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