
प्रयागराज में 23 जिलों के छात्रों से राहुल गांधी का संवाद, बेरोजगारी और पेपर लीक समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी; कांग्रेस का दावा- दो लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन
प्रयागराज: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज में छात्रों के बीच पहुंचे। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में 23 जिलों से आए छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के युवाओं के सामने चीन की ताकत भी कुछ नहीं है।
‘सिस्टम युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा रहा’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में देश में शिक्षा और रोजगार की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सिस्टम युवाओं को एक ऐसे चक्रव्यूह में फंसा रहा है, जिससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। युवा BA और MA जैसी डिग्रियां हासिल करते हैं, लेकिन डिग्री मिलने के बाद भी रोजगार की कोई गारंटी नहीं होती। राहुल ने शिक्षा, डिग्री और रोजगार के बीच पैदा हो रहे इस अंतर को युवाओं के सामने बड़ी चुनौती के तौर पर पेश किया।
23 जिलों के छात्रों से सीधा संवाद
प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 23 जिलों के छात्रों को बुलाया गया है। कांग्रेस का दावा है कि इस कार्यक्रम के लिए दो लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यक्रम के जरिए पार्टी बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।
कांग्रेस की ओर से प्रयागराज में कार्यक्रम से पहले पोस्टर भी लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा गया है- ‘जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।’ पोस्टर के जरिए युवाओं और रोजगार के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की गई है।
एयरपोर्ट से सीधे स्वराज भवन पहुंचे राहुल गांधी
प्रयागराज पहुंचने के बाद राहुल गांधी एयरपोर्ट से सीधे स्वराज भवन पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात की। स्वराज भवन का राहुल गांधी के परिवार से ऐतिहासिक संबंध है। यह वही स्थान है, जहां उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था।
स्वराज भवन को अब संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है। यहां नेहरू-गांधी परिवार से जुड़ी स्मृतियों के साथ-साथ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से संबंधित सामग्री भी मौजूद है।
कार्यक्रम का समय बदला गया
राहुल गांधी के छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम पहले शाम छह बजे से प्रस्तावित था। बाद में कार्यक्रम का समय बदलकर शाम सात बजे कर दिया गया। कार्यक्रम को लेकर प्रयागराज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की ओर से व्यापक तैयारियां की गईं।
राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे के दौरान एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत समेत पार्टी के कई नेताओं ने उनका स्वागत किया।
बेरोजगारी से लेकर पेपर लीक तक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कांग्रेस ने युवाओं से सीधे संवाद के मंच के तौर पर पेश किया है। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम में छात्रों की शिक्षा, रोजगार और भर्ती से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
राहुल गांधी के संबोधन में बेरोजगारी, नीट पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसे मुद्दों के जरिए सरकार पर निशाना साधे जाने की तैयारी है। कांग्रेस इन मुद्दों को युवाओं की रोजमर्रा की परेशानियों से जोड़कर सरकार से जवाबदेही मांग रही है।
प्रयागराज में कांग्रेस का पोस्टर वार भी चर्चा में
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले प्रयागराज में लगाए गए कांग्रेस के पोस्टर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इनमें रोजगार के मुद्दे को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का संदेश दिया गया है। ‘जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा’ जैसे नारे के जरिए कांग्रेस ने युवाओं और रोजगार के मुद्दे को अपने अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया है।
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, सरकारी भर्तियों और रोजगार को लेकर युवाओं के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है। कांग्रेस इसी माहौल के बीच छात्रों के साथ सीधे संवाद के जरिए इन मुद्दों को राजनीतिक बहस में प्रमुखता देने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी प्रयागराज में छात्रों के बीच क्यों पहुंचे?
कांग्रेस के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और उनके सवालों को सामने लाना है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में छात्रों के रजिस्ट्रेशन से युवाओं के बीच शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर रुचि का पता चलता है।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए शिक्षा से रोजगार तक की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि देश के करोड़ों युवाओं को अवसर मिले तो यही युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति बन सकते हैं।
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