
नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026: अभिनेता आर माधवन के बेटे और भारतीय तैराक वेदांत माधवन ने आखिरकार एशियन गेम्स के मंच पर अपना पहला मुकाबला खेल लिया। जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 में वेदांत ने सोमवार को पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, भारतीय चौकड़ी फाइनल में जगह बनाने से बेहद मामूली अंतर से चूक गई। भारतीय टीम ने 7 मिनट 24.32 सेकंड का समय निकाला और 13 टीमों में नौवें स्थान पर रही। फाइनल के लिए शीर्ष आठ टीमों को जगह मिली, जबकि भारत महज 0.22 सेकंड के अंतर से अंतिम दौर में पहुंचने से रह गया।
वेदांत ने ऐसे किया एशियन गेम्स में डेब्यू
21 वर्षीय वेदांत माधवन को इस साल भारतीय तैराकी टीम में जगह मिली है। एशियन गेम्स में उनकी पहली उपस्थिति 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले के जरिए हुई। इस रिले में वेदांत के साथ साजन प्रकाश, धक्षन शशिकुमार और अनीश सुनील कुमार गौड़ा भारतीय टीम का हिस्सा थे। टीम ने हीट्स में 7:24.32 का समय दर्ज किया, लेकिन यह प्रदर्शन उसे फाइनल की शीर्ष आठ टीमों में शामिल कराने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
फाइनल से कितनी दूर रह गया भारत?
भारतीय तैराकी टीम के लिए मुकाबला काफी करीबी रहा। 13 टीमों की प्रतिस्पर्धा में भारत नौवें स्थान पर रहा और आठवीं पायदान की टीम से सिर्फ 0.22 सेकंड पीछे रह गया। इस तरह वेदांत का एशियन गेम्स डेब्यू फाइनल में पहुंचने से भले ही चूक गया, लेकिन उन्हें सीनियर स्तर के बड़े महाद्वीपीय टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने का अहम अनुभव जरूर मिला।
अब वेदांत की नजर व्यक्तिगत मुकाबले पर
रिले के बाद वेदांत माधवन के पास अपने व्यक्तिगत इवेंट में प्रदर्शन करने का मौका है। वह पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में भी भारत की ओर से उतरेंगे। 200 मीटर फ्रीस्टाइल उनका प्रमुख व्यक्तिगत इवेंट है। विश्व एक्वेटिक्स के रिकॉर्ड के मुताबिक इस स्पर्धा में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 1:53.89 है, जो उन्होंने जून 2026 में 79वीं सीनियर नेशनल एक्वेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान बनाया था।
पांच गोल्ड जीतकर पहले ही बना चुके हैं पहचान
वेदांत ने एशियन गेम्स से पहले ही अंतरराष्ट्रीय तैराकी में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। 2023 में मलेशिया ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप में उन्होंने पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे। इससे पहले भी वह विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी उपलब्धियों में डेनिश ओपन में 800 मीटर फ्रीस्टाइल का स्वर्ण पदक भी शामिल है।
पिता आर माधवन की तरह फिल्मों में नहीं, तैराकी में चुना करियर
आर माधवन के बेटे होने की वजह से वेदांत का नाम अक्सर बॉलीवुड से जोड़ा जाता है, लेकिन उन्होंने अभिनय की दुनिया के बजाय खेल को अपना करियर बनाया। वेदांत ने कम उम्र से ही तैराकी पर ध्यान देना शुरू किया और प्रतिस्पर्धी स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। बेहतर ट्रेनिंग के लिए उनका परिवार दुबई भी शिफ्ट हुआ था, जहां उन्हें नियमित अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का बेहतर माहौल मिला।
एशियन गेम्स में तीन स्पर्धाओं में उतरेंगे वेदांत
2026 एशियन गेम्स के लिए वेदांत को भारतीय तैराकी दल में तीन स्पर्धाओं के लिए चुना गया है। इनमें पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले, 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 200 मीटर बैकस्ट्रोक शामिल हैं। रिले में उनका पहला मुकाबला हो चुका है। अब उनका ध्यान व्यक्तिगत स्पर्धाओं पर रहेगा, जहां वह अपने प्रदर्शन और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय को बेहतर करने की कोशिश करेंगे।
वेदांत के लिए डेब्यू भले ही फाइनल से दूर रहा, सफर अभी बाकी
एशियन गेम्स में वेदांत माधवन का पहला मुकाबला भारतीय टीम के फाइनल में पहुंचने के साथ खत्म नहीं हुआ, लेकिन उनका टूर्नामेंट अभी समाप्त नहीं हुआ है। 21 साल के इस तैराक के पास 200 मीटर फ्रीस्टाइल और 200 मीटर बैकस्ट्रोक में खुद को साबित करने का मौका बाकी है। एशिया के शीर्ष तैराकों के बीच यह प्रतियोगिता उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अनुभव साबित हो सकती है।
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