
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ दौरे के दौरान एक ऐतिहासिक पल दर्ज किया। Narendra Modi का विमान डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास स्थित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरा, जहां उन्होंने फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर का रोमांचक हवाई प्रदर्शन देखा। नॉर्थईस्ट में पहली बार किसी प्रधानमंत्री का विमान इस तरह की इमरजेंसी स्ट्रिप पर उतरा है, जिसे रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
नॉर्थईस्ट का पहला इमरजेंसी लैंडिंग कॉरिडोर
डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर तैयार की गई यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी नॉर्थईस्ट इंडिया की अपनी तरह की पहली सुविधा है। इसे भारतीय वायुसेना के सहयोग से तैयार किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर सैन्य और नागरिक विमान यहां सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकें। इस स्ट्रिप पर हवाई करतबों का प्रदर्शन क्षेत्र की सामरिक क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
ब्रह्मपुत्र पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन
अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने बहुप्रतीक्षित Kumar Bhaskar Varma Setu का उद्घाटन किया। करीब 3,030 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह छह लेन का एक्सट्राडोज्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है। इसे नॉर्थईस्ट का पहला एक्सट्राडोज्ड ब्रिज बताया जा रहा है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा।
IIM गुवाहाटी के टेम्पररी कैंपस की सौगात
प्रधानमंत्री ने Indian Institute of Management Guwahati के टेम्पररी कैंपस का भी उद्घाटन किया। इस पहल से नॉर्थईस्ट में उच्च और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्षेत्र के युवाओं को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के बराबर अवसर मिल सकेंगे।
225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी
पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री ने PM-eBus सेवा योजना के तहत चार शहरों में 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इनमें गुवाहाटी में 100, नागपुर में 50, भावनगर में 50 और चंडीगढ़ में 25 बसें शामिल हैं। यह पहल शहरी परिवहन को स्वच्छ और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नॉर्थ ईस्ट के लिए नेशनल डेटा सेंटर का अनावरण
दौरे के दौरान कामरूप जिले के अमिंगांव में नॉर्थ ईस्टर्न रीजन के लिए नेशनल डेटा सेंटर का उद्घाटन भी किया गया। इस केंद्र से क्षेत्र के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। डिजिटल इंडिया मिशन के तहत यह परियोजना सरकारी और निजी सेवाओं के बेहतर संचालन में सहायक होगी।
असम के डिब्रूगढ़ से लेकर गुवाहाटी तक, इस दौरे ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर कई बड़ी सौगातें दीं। रणनीतिक और विकासात्मक दृष्टि से इसे नॉर्थईस्ट के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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