‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान से देशभर में युवाओं को जोड़ेंगे अभिजीत दीपके, CJP की नई रणनीति का ऐलान; घर के बाहर दो युवकों का प्रदर्शन

छत्रपति संभाजीनगर। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी सितंबर से देशव्यापी ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेगी। उन्होंने युवाओं से इस अभियान और संगठन से जुड़कर आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। वहीं, इसी दौरान उनके छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास के बाहर दो युवकों ने प्रदर्शन करते हुए संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

सितंबर से शुरू होगा ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान

अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि CJP सितंबर महीने से ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान की शुरुआत करेगी। उनका कहना था कि देशभर के युवाओं को इस अभियान से जोड़कर इसे एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से आगे आकर संगठन के साथ जुड़ने और सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की।

छात्र आंदोलन की जीत बताया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

अभिजीत दीपके ने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा भी शामिल हुए थे। उनके अनुसार, बेरोजगारी वर्तमान समय में देश की सबसे बड़ी चुनौती है और अब इसे राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा।

कोर कमेटी की बैठक में कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

यह बयान छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित CJP की कोर कमेटी की बैठक के बाद सामने आया। बैठक में अभिजीत दीपके, सौरव दास सहित कुल 13 सदस्य शामिल हुए। इस दौरान संगठन के विस्तार, आगामी अभियानों और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

घर के बाहर दो युवकों का प्रदर्शन, संगठन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

इसी बीच अभिजीत दीपके के आवास के बाहर दो युवकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों ने अपनी पहचान अहमदाबाद निवासी मनीष ब्रह्मभट्ट और राहुल पंड्या के रूप में बताई। दोनों का कहना था कि वे पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्र आंदोलन का हिस्सा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि CJP एक युवा आंदोलन है, इसलिए इसे लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोगों को भी भविष्य की रणनीति तय करने की प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।

‘बैठक में भी शामिल नहीं किया गया’

प्रदर्शनकारी मनीष ब्रह्मभट्ट ने दावा किया कि जब CJP का आंदोलन शुरू हुआ था, तब उसका कोई चेहरा नहीं था और उन्होंने कई स्वयंसेवकों के साथ मिलकर जंतर-मंतर आंदोलन में योगदान दिया था। उनका आरोप था कि वह संगठन से मिलने के लिए छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे, लेकिन किसी ने उनसे मुलाकात नहीं की और उन्हें कोर कमेटी की बैठक में भी शामिल नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्रीय आंदोलन की रणनीति केवल रिश्तेदारों या करीबी दोस्तों के साथ मिलकर तय नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह आंदोलन पूरे देश के युवाओं से जुड़ा हुआ था।

पहले ही साफ कर चुके हैं चुनाव नहीं लड़ने का फैसला

इससे पहले 5 अगस्त को बैठक के पहले दिन अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया था कि CJP फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने की योजना नहीं बना रही है। उनके अनुसार, वर्तमान समय में देश को किसी नई राजनीतिक पार्टी की बजाय एक मजबूत प्रेशर ग्रुप की जरूरत है, जो जनहित के मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाए।

उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि अलग-अलग विचारधाराओं के लोग एक साझा मुद्दे पर एक मंच पर आए। बैठक में जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा, ई-20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था, संगठन विस्तार और देशभर में प्रस्तावित आंदोलनों की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई।

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