
नई दिल्ली। देश में कथित ऑनलाइन आतंकवादी कट्टरपंथ (ऑनलाइन टेरर रेडिकलाइजेशन) से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा अभियान चलाया है। एजेंसी ने बुधवार को दिल्ली सहित 9 राज्यों में 20 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी के अनुसार, मामला ऐसे ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़ा है, जिस पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों ISIS और AQIS की विचारधारा का कथित रूप से प्रचार-प्रसार करने तथा हिंसक गतिविधियों के जरिए भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ साजिश रचने का आरोप है।
9 राज्यों के 20 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
NIA की ओर से की गई कार्रवाई के तहत उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक पांच स्थानों पर तलाशी ली गई। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में चार, महाराष्ट्र में तीन, दिल्ली में दो तथा बिहार, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में एक-एक स्थान पर छापेमारी की गई। एजेंसी इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन मॉड्यूल की जांच पर फोकस
NIA के अनुसार, यह कार्रवाई ऑनलाइन टेरर रेडिकलाइजेशन मॉड्यूल से जुड़े मामले (RC-01/2026/NIA/VSKP) की जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपियों पर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की विचारधारा फैलाने का संदेह है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
विजयवाड़ा पुलिस से NIA ने अपने हाथ में लिया था केस
इस मामले को NIA की विशाखापत्तनम शाखा ने 13 मई 2026 को आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा पुलिस से अपने हाथ में लिया था। इसके बाद एजेंसी ने नई एफआईआर (RC-01/2026/NIA/VSKP) दर्ज कर जांच शुरू की। यह मामला मार्च 2026 में सामने आया था, जब मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद के घर से कथित तौर पर आतंकवादी संगठनों से संबंधित सामग्री बरामद होने के बाद जांच आगे बढ़ी।
जांच में क्या सामने आया
प्रारंभिक जांच में एजेंसी के अनुसार यह संकेत मिले हैं कि आरोपियों का कथित उद्देश्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ISIS और AQIS की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना था। NIA का दावा है कि जांच के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनमें भारत में हिंसक गतिविधियों के जरिए कथित तौर पर ‘इस्लामिक स्टेट’ या ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, मामले में जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करेगी एजेंसी
NIA की टीमें छापेमारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, डिजिटल दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करेंगी। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा था, किन-किन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया और इसमें अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।
जांच जारी, आगे हो सकती हैं और कार्रवाई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों और अन्य बरामद सामग्री के विश्लेषण के आधार पर आने वाले दिनों में आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और कथित तौर पर जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।
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