
अमेरिका की मदद बंद करना चाहता है इजरायल, नेतन्याहू का बड़ा ऐलान, आत्मनिर्भरता पर दिया जोर:- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक मदद को बंद करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि अब इजरायल अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के दम पर आगे बढ़ सकता है। जानिए पूरा मामला।
तेल अवीव/नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि इजरायल अब विदेशी आर्थिक मदद पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहता है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नेतन्याहू ने कहा कि वह अमेरिका से मिलने वाली सहायता को समाप्त करना चाहते हैं और इस प्रक्रिया की शुरुआत इसी वर्ष से करने के पक्ष में हैं।
नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया के कई देश आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसे इजरायल की दीर्घकालिक आर्थिक और रक्षा रणनीति में संभावित बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
‘अमेरिकी मदद नहीं चाहिए, अब खुद सक्षम हैं’
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की अर्थव्यवस्था अब पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी (Per Capita GDP) 67 हजार डॉलर तक पहुंच चुकी है और इजरायल जल्द ही एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक सहायता अब देश की कुल अर्थव्यवस्था का बेहद छोटा हिस्सा रह गई है और इजरायल इस राशि का इंतजाम स्वयं करने में सक्षम है। नेतन्याहू ने कहा, “मैं अमेरिकी मदद बंद करना चाहता हूं। यह एक तरह की खैरात या वेलफेयर जैसी है। मुझे इसकी जरूरत नहीं है। मैं चाहता हूं कि इस दिशा में प्रक्रिया इसी साल शुरू हो जाए।”
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता इजरायल
नेतन्याहू के बयान को इजरायल की आत्मनिर्भरता की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बदलते वैश्विक हालात में कई देश रक्षा, तकनीक और आर्थिक क्षेत्रों में बाहरी निर्भरता कम करने की रणनीति अपना रहे हैं। इजरायल भी अब अपने रक्षा उत्पादन, तकनीकी विकास और आर्थिक संसाधनों को अधिक मजबूत बनाकर स्वतंत्र क्षमता विकसित करने पर जोर देता दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अमेरिकी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने वाला इजरायल अब अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति के आधार पर आत्मनिर्भर मॉडल की ओर बढ़ना चाहता है।
भारत की नीति से मिलते दिखे संकेत
इजरायल की यह सोच भारत की आत्मनिर्भरता की रणनीति से मेल खाती नजर आती है। भारत पिछले कुछ वर्षों में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे अभियानों के माध्यम से रक्षा, विनिर्माण, तकनीक और औद्योगिक क्षेत्रों में विदेशी निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहा है।
इसी तरह इजरायल भी अपनी आर्थिक क्षमता और रक्षा उत्पादन नेटवर्क को मजबूत बनाकर बाहरी सहायता पर निर्भरता घटाने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच बदल रही रणनीति
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अधिकांश देश आर्थिक और सामरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे माहौल में आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। नेतन्याहू का बयान इसी व्यापक वैश्विक बदलाव की ओर संकेत करता है, जहां देश अपनी आंतरिक क्षमताओं को मजबूत बनाने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
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