
तेहरान: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर युद्धविराम के पक्ष में नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि उनका देश सीजफायर नहीं, बल्कि इस संघर्ष का स्थायी और निर्णायक अंत चाहता है। ऐसे में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी टकराव और भी गहराने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका तेज हो गई है।
लगातार जारी हमलों के बीच कड़ा रुख
अमेरिका और इजरायल के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरान ने अपने तेवर और सख्त कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि यह बयान उस समय सामने आया है जब संघर्ष को तीन सप्ताह से ज्यादा का समय बीत चुका है। इस दौरान भारी तबाही देखने को मिली है और हजारों नागरिकों की जान जा चुकी है। ईरानी सैन्य ढांचे को भी बड़ा नुकसान हुआ है, जिसमें नौसेना और वायुसेना को गंभीर क्षति पहुंचने की खबरें हैं। इसके बावजूद तेहरान पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा।
अमेरिका पर झूठ फैलाने का आरोप
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वॉशिंगटन की बातों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। उन्होंने वियतनाम युद्ध का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि उस समय भी सच्चाई छिपाई गई थी और आज भी वही रणनीति अपनाई जा रही है। उनका कहना है कि दुनिया को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी हालात कुछ और ही बयां करते हैं।
अमेरिकी दावों पर उठाए सवाल
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमता खत्म होने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर हालात इसके विपरीत नजर आते हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने आधुनिक लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है और अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों में भी बदलाव देखने को मिला है।
इजरायल को सख्त चेतावनी
ईरान ने इजरायल को भी कड़ी चेतावनी दी है। विदेश मंत्री ने कहा कि तेहरान के पास इजरायल की संभावित सैन्य योजनाओं से जुड़ी खुफिया जानकारी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो उसका जवाब बेहद कड़ा और बिना किसी संयम के दिया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान बातचीत के दौरान हमला करने में विश्वास नहीं रखता, लेकिन किसी भी हमले का जवाब पूरी ताकत से देता है।
क्या बढ़ेगा क्षेत्रीय युद्ध का खतरा?
ईरान के इस रुख के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि हालात इसी तरह बने रहे तो यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
Hindustan Awaaz – ताज़ा हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया