Ghaziabad Spy Case: पाकिस्तान तक पहुंचा भारत के संवेदनशील ठिकानों का डेटा! NIA ने 5 किशोरों पर दायर की चार्जशीट

नई दिल्ली/गाजियाबाद: देश की सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील गाजियाबाद जासूसी कांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क के मामले में एनआईए ने पांच किशोरों के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड (JJB) में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी का दावा है कि ये सभी नाबालिग भारत के महत्वपूर्ण सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने के नेटवर्क का हिस्सा थे।

संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें और लोकेशन भेजने का आरोप

एनआईए की जांच के अनुसार आरोपियों ने देश के कई संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें, वीडियो और GPS कोऑर्डिनेट्स जुटाकर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाए। एजेंसी को शक है कि यह पूरा नेटवर्क भारत विरोधी गतिविधियों और संभावित आतंकी साजिशों के लिए सक्रिय था। जांच में सामने आया कि आरोपी किशोर लगातार सीमा पार बैठे संचालकों के संपर्क में थे और उन्हें गोपनीय जानकारियां उपलब्ध करा रहे थे।

जासूसी कैमरों और इंटरनेट के जरिए भेजा जाता था डेटा

जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने चिन्हित इलाकों में गुप्त तरीके से कैमरे लगाए थे। इन कैमरों से रिकॉर्ड की गई सामग्री इंटरनेट के माध्यम से पाकिस्तान भेजी जाती थी। बताया जा रहा है कि डेटा को जियो-टैगिंग के साथ साझा किया जाता था ताकि लोकेशन की सटीक जानकारी भी उपलब्ध हो सके। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मॉड्यूल को बेहद खतरनाक मान रही हैं।

पाकिस्तानी हैंडलर्स को उपलब्ध कराए भारतीय सिम कार्ड

एनआईए की चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने पाकिस्तानी हैंडलर्स को भारतीय सिम कार्ड मुहैया कराए। जांच एजेंसी का कहना है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों और संदिग्ध बातचीत को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए किया जा रहा था। इससे जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश की जा रही थी।

इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई

इस मामले में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, शासकीय गोपनीयता अधिनियम और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। एनआईए का मानना है कि यह मामला सिर्फ जासूसी तक सीमित नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।

21 आरोपियों की गिरफ्तारी, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच जारी

एनआईए सूत्रों के अनुसार यह मामला केवल पांच किशोरों तक सीमित नहीं है। जांच में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क के संकेत मिले हैं। एजेंसी अब तक इस केस में कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कई डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन और फंडिंग एंगल की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

गाजियाबाद जासूसी कांड सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। संवेदनशील सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और देश के किन-किन हिस्सों में इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं।

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