गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ से प्रयागराज ही नहीं, अब हरिद्वार से बलिया तक दौड़ेगी रफ्तार; जानें कैसे यूपी का कोना-कोना होगा कनेक्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने वाले ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई से भव्य उद्घाटन कर दिया है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे महज 12 जिलों की लाइफलाइन नहीं है, बल्कि यह यूपी के हर कोने को एक-दूसरे के करीब लाने वाला महा-गलियारा बनने जा रहा है। करीब 36,200 करोड़ रुपये की लागत से रिकॉर्ड साढ़े चार साल में तैयार हुआ यह एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार से बलिया और दिल्ली से बिहार तक के सफर को सुगम बना देगा।

दिल्ली-NCR से प्रयागराज का सफर अब आधा

गंगा एक्सप्रेसवे का आगाज मेरठ के बिजौली गांव से होता है, जहां यह सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से जुड़ता है। इस कनेक्टिविटी के बाद दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए प्रयागराज पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। जो सफर पहले 12 से 14 घंटे लेता था, अब वह मात्र 6 से 7 घंटे में पूरा हो सकेगा। इतना ही नहीं, यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के औद्योगिक शहरों जैसे सोनीपत और पानीपत को भी केएमपी (KMP) के जरिए सीधा एक्सेस देगा।

एक्सप्रेसवे का ‘जाल’: आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल से सीधा जुड़ाव

यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेसवे को एक ‘नेटवर्क’ की तरह डिजाइन किया है। उन्नाव के पास एक विशाल इंटरचेंज बनाया गया है, जो गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ता है। इसके अलावा, प्रयागराज के पास से एक लिंक रोड के जरिए इसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इससे पश्चिमी यूपी के मेरठ-नोएडा से लेकर पूर्वी यूपी के गाजीपुर और बलिया तक एक निर्बाध हाईस्पीड कॉरिडोर तैयार हो जाएगा।

हरिद्वार से संगम तक का ‘धार्मिक कॉरिडोर’

श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि गंगा एक्सप्रेसवे को ऊपरी गंगा नहर के जरिए हरिद्वार की ओर जाने वाले एक्सप्रेसवे से लिंक करने की तैयारी है। इसके बाद उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश से प्रयागराज के संगम तक की दूरी कुछ ही घंटों में सिमट जाएगी। वहीं, इसके दूसरे चरण में इसे प्रयागराज से बलिया तक ले जाया जाएगा, जो बिहार की सीमा (बक्सर) तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

जेवर एयरपोर्ट और बुंदेलखंड के लिए ‘गेम चेंजर’

बुलंदशहर के पास (44वें किलोमीटर पर) एक विशेष लिंक रोड बनाई जा रही है, जो गंगा एक्सप्रेसवे को सीधे जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगी। इससे पश्चिमी यूपी और अवध के लोग बिना ट्रैफिक में फंसे सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। साथ ही, प्रयागराज के पास इसे चित्रकूट से शुरू होने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा, जिससे बुंदेलखंड का औद्योगिक विकास तेज होगा।

फर्रुखाबाद और गोरखपुर-शामली लिंक का मास्टरप्लान

प्रशासनिक स्तर पर 92 किमी लंबे फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे की भी तैयारी है, जो गंगा एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा। साथ ही, प्रस्तावित 700-750 किमी लंबा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे भी इस रूट को क्रॉस करेगा। इन तमाम लिंक रोड्स और इंटरचेंज के बनने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे यूपी की इकोनॉमी का इंजन साबित होने वाला है।

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