लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर तीखी बयानबाजी और कड़वाहट देखने को मिलती है, लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। अखिलेश यादव मंगलवार को लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल का हालचाल जाना। गौरतलब है कि अनुपमा जायसवाल बहराइच में अखिलेश यादव का ही पुतला फूंकते समय आग की चपेट में आकर झुलस गई थीं।
पुतला दहन के दौरान हुआ था हादसा
घटना उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की है, जहां नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर भाजपा महिला मोर्चा सड़क पर उतरी थी। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला फूंक रहे थे। इसी बीच अचानक आग की लपटें फैल गईं और वहां मौजूद भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल का चेहरा झुलस गया। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अखिलेश यादव का ‘बड़ा दिल’, विधायक के चेहरे पर लौटी मुस्कान
दलगत राजनीति और मतभेदों को किनारे रखते हुए अखिलेश यादव ने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी। वह खुद मेदांता अस्पताल के वार्ड में पहुंचे और अनुपमा जायसवाल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अस्पताल के बेड पर इलाज करा रही विधायक जायसवाल भी अखिलेश यादव को अपने सामने पाकर अपनी खुशी रोक नहीं पाईं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में उनके चेहरे पर मुस्कान साफ देखी जा सकती है। अखिलेश ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रभारी मंत्री और आला अधिकारी भी रहे मौजूद
बहराइच में जब यह हादसा हुआ, तब जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और सांसद डॉ. आनंद गोंड भी प्रदर्शन में मौजूद थे। घटना के बाद जिले में हड़कंप मच गया था। डीएम अक्षय त्रिपाठी और एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने भी अस्पताल पहुंचकर विधायक का हाल जाना था। अखिलेश यादव के इस कदम को राजनीतिक गलियारों में ‘स्वस्थ लोकतंत्र’ की एक खूबसूरत तस्वीर माना जा रहा है, जहां वैचारिक विरोध अपनी जगह है और व्यक्तिगत सम्मान अपनी जगह।
Hindustan Awaaz – Hindustan Newspaper, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया
