तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। मध्य पूर्व में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीजा जारी कर दिया गया है। हालांकि टीम के सपोर्ट स्टाफ और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों को अभी तक वीजा नहीं मिला है। इस मुद्दे पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भेदभावपूर्ण रवैया करार दिया है।
खिलाड़ियों को राहत, लेकिन सपोर्ट स्टाफ की चिंता बरकरार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के प्रमुख सदस्यों को वीजा प्रदान कर दिया है, जिससे आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और तैयारियों में उनकी भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि टीम के कई सपोर्ट स्टाफ सदस्यों, मेडिकल टीम और प्रशासनिक अधिकारियों को अब तक मंजूरी नहीं मिली है।
इस स्थिति ने ईरानी खेल अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में टीम की सफलता केवल खिलाड़ियों पर नहीं बल्कि पूरे सहयोगी तंत्र पर निर्भर करती है।
ईरान ने कहा- खेल को राजनीति से दूर रखा जाए
ईरान सरकार और फुटबॉल महासंघ ने अमेरिका के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि खेल प्रतियोगिताओं को राजनीतिक मतभेदों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। तेहरान का आरोप है कि खिलाड़ियों को वीजा देना और सपोर्ट स्टाफ को रोकना समान अवसरों की भावना के खिलाफ है।
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी टीम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिस्पर्धा करनी है तो उसके सभी आवश्यक सदस्यों को बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने इस मामले को खेल भावना और अंतरराष्ट्रीय खेल नियमों से जोड़कर देखा है।
अमेरिका में होने वाले टूर्नामेंट को लेकर बढ़ी चर्चा
अमेरिका आने वाले वर्षों में कई बड़े फुटबॉल आयोजनों की मेजबानी करने जा रहा है, जिनमें FIFA World Cup 2026 भी शामिल है। ऐसे में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों और अधिकारियों को वीजा जारी करने की प्रक्रिया वैश्विक चर्चा का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफलता के लिए मेजबान देशों को सभी प्रतिभागी देशों के साथ निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवहार सुनिश्चित करना होगा। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव के कारण यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है।
खेल जगत की नजरें अगले फैसले पर
फिलहाल ईरानी फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों के अमेरिका जाने का रास्ता साफ माना जा रहा है, लेकिन सपोर्ट स्टाफ के लंबित वीजा आवेदन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खेल जगत की नजरें अब अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि शेष अधिकारियों को भी जल्द मंजूरी मिलती है तो विवाद शांत हो सकता है, अन्यथा यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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