Rahul Gandhi पर अमित मालवीय का तीखा हमला: ‘माइक चालू था, फिर भी संसद में ड्रामा करते रहे’, बयान को लेकर बढ़ी सियासी तकरार

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में माइक बंद किए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह संसद में गंभीर बहस करने नहीं, बल्कि “ड्रामा” करने और खुद को पीड़ित दिखाने के लिए आते हैं। राहुल गांधी और भाजपा के बीच इस मुद्दे को लेकर जुबानी जंग लगातार तेज होती दिखाई दे रही है।

अमित मालवीय ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी का एक वीडियो साझा किया। वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी का माइक्रोफोन पहले से ही चालू था, इसके बावजूद वह लगातार यह कहते रहे कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है और उनका माइक बंद कर दिया गया है।

मालवीय ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि जब लोकसभा अध्यक्ष की ओर से राहुल गांधी को बताया गया कि उनका माइक्रोफोन चालू है, तब उन्होंने स्वयं उसे बंद कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने दोबारा माइक्रोफोन चालू कराया। भाजपा नेता ने इसे राजनीतिक नाटक करार देते हुए कांग्रेस सांसद पर संसद की कार्यवाही को लेकर सवाल खड़े किए।

‘गंभीर बहस नहीं, राजनीतिक नैरेटिव बनाने आते हैं’

भाजपा नेता ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी संसद में छात्रों, युवाओं या अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक संदेश देने और खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के लिए वास्तविक बहस से अधिक राजनीतिक छवि बनाना प्राथमिकता है।

अमित मालवीय ने यह भी कहा कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का मंच है, जहां तथ्यों और मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष के नेता बार-बार विवाद खड़ा करने की रणनीति अपनाते हैं।

राहुल गांधी ने लगाया था माइक बंद करने का आरोप

इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया था कि लोकसभा में अपने भाषण के दौरान उन्होंने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिया। राहुल गांधी का आरोप था कि इस दौरान उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश की गई और उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया।

राहुल गांधी के इस आरोप के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज हो गई। भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताया, जबकि कांग्रेस लगातार सदन में विपक्ष की आवाज दबाए जाने का आरोप दोहराती रही है।

माइक विवाद पर बढ़ी सियासी बयानबाजी

लोकसभा में माइक्रोफोन को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया विषय बन गया है। एक ओर कांग्रेस संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस मुद्दे पर और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

Disclaimer: इस खबर में शामिल आरोप और दावे संबंधित नेताओं एवं राजनीतिक दलों के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

Check Also

Quiet Corners, Bright Reels: How a Casino Lobby Sets the Mood

An online casino’s lobby is more than a directory of games. It is the first …