
कराची: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में चीन समर्थित विकास परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने चीन और पाकिस्तान से जुड़े प्रोजेक्ट्स को सीधे निशाने पर लेने की चेतावनी दी है। इसी बीच केच जिले के तुर्बत क्षेत्र के पास छह अपहृत मजदूरों के शव मिलने से पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस घटना के बाद इस क्षेत्र में काम कर रही चीनी परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
छह मजदूरों की हत्या से बढ़ी पाकिस्तान की मुश्किल
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जिन छह मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं, उनका अपहरण 2 जुलाई को केच जिले के कलातुक इलाके से किया गया था। बताया गया कि मजदूर विकास कार्यों से जुड़े प्रोजेक्ट्स के सिलसिले में क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद उग्रवादियों ने उन पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान खैबर पख्तूनख्वा के स्वाबी निवासी जावेद नामक एक मजदूर की मौके पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि छह अन्य मजदूरों को अगवा कर लिया गया। बाद में तुर्बत के समीप एक दूरदराज इलाके से सभी छह अपहृत मजदूरों के शव बरामद हुए। मृतकों में पंजाब के चार और खैबर पख्तूनख्वा के दो मजदूर शामिल बताए गए हैं।
चीनी परियोजनाओं को लेकर BLA की खुली धमकी
इस घटना के बाद बलूच लिबरेशन आर्मी ने एक बार फिर चीन समर्थित परियोजनाओं को लेकर कड़ा संदेश जारी किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चीन ने बलूचिस्तान में संचालित अपने प्रोजेक्ट्स को बंद नहीं किया तो उन पर हमले किए जाएंगे।
बीएलए के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि आम लोग चीनी निवेश वाली परियोजनाओं, खनन क्षेत्रों और खनिज विकास से जुड़े सभी स्थलों से दूरी बनाए रखें। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह चेतावनी केवल बाहरी मजदूरों के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय कर्मचारियों, इंजीनियरों, अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी लागू होती है जो चीन या पाकिस्तान समर्थित परियोजनाओं से जुड़े हैं।
बदलती रणनीति ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि बीएलए की हालिया चेतावनियां उसकी रणनीति में बदलाव का संकेत देती हैं। पहले जहां संगठन मुख्य रूप से सुरक्षा बलों को निशाना बनाता था, वहीं अब उसका फोकस चीन समर्थित विकास परियोजनाओं, माइनिंग ऑपरेशन, ठेकेदारों, इंजीनियरों और वहां कार्यरत मजदूरों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
इस बदलाव को देखते हुए पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि बलूचिस्तान में कई बड़े बुनियादी ढांचा और खनन प्रोजेक्ट्स चीन के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं।
चीन की बढ़ती चिंता, पाकिस्तान पर बढ़ा दबाव
बलूचिस्तान में लगातार हो रहे हमलों के कारण चीन पहले भी अपनी चिंता जता चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान से अपने नागरिकों और परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी और निर्णायक कदम उठाने को कहा है। माना जा रहा है कि यदि सुरक्षा हालात में सुधार नहीं हुआ तो कुछ परियोजनाओं के भविष्य पर भी असर पड़ सकता है।
ऐसे में छह मजदूरों की हत्या और बीएलए की नई धमकी ने पाकिस्तान सरकार के लिए सुरक्षा, निवेश और अंतरराष्ट्रीय भरोसे—तीनों मोर्चों पर दबाव बढ़ा दिया है।
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