
अभिनेत्री स्वरा भास्कर का जौहर को लेकर दिया गया बयान एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य पर सवाल उठाने वाली स्वरा भास्कर को लेकर अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए स्वरा भास्कर के बयान का जिक्र किया और जौहर को कायरता कहे जाने पर आपत्ति जताई।
जौहर को लेकर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बोलते हुए जौहर को कायरता बताया है। उन्होंने इस विचार पर असहमति जताते हुए कहा कि उनकी नजर में जौहर कायरता नहीं, बल्कि वीरता, समर्पण और पति के प्रति अर्पण से जुड़ा विषय है।उन्होंने आगे कहा कि जौहर और भारतीय संस्कृति को समझने के लिए उसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ को भी समझना जरूरी है। इसी दौरान उन्होंने स्वरा भास्कर की निजी जिंदगी पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में कुछ लोग ऐसे हैं जो ‘भैया को सैयां बना लेते हैं’ और ऐसे लोग जौहर को क्या समझेंगे।
‘तुम क्या जानो संस्कृति और मर्यादा’
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान में जौहर को भारतीय संस्कृति, सम्मान और परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि धर्म और संस्कृति का विरोध करने वाले लोग इन विषयों को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि वह काफी समय से इस मुद्दे पर खुद को रोक रहे थे, लेकिन अब इस विषय पर बोलना जरूरी लगा।
उनकी इस टिप्पणी के बाद स्वरा भास्कर और धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ा यह विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, दोनों के बयानों के बीच मूल विवाद जौहर की ऐतिहासिक और सामाजिक व्याख्या को लेकर है।
क्या कहा था स्वरा भास्कर ने?
दरअसल, विवाद की शुरुआत स्वरा भास्कर की ‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य पर की गई टिप्पणी से हुई। स्वरा ने फिल्म में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इसे देखने के बाद उनके मन में यह सवाल आया कि किसी महिला के लिए अपनी इज्जत बचाने के नाम पर मौत को चुनना कितना उचित है।
स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान को रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को कायर बताने के तौर पर लिया। इसके बाद अभिनेत्री ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा था।
सफाई में स्वरा ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके देखा जा रहा है। उनका सवाल जौहर करने वाली महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद से ज्यादा उस सोच को लेकर था, जिसमें महिला की पवित्रता को उसकी जिंदगी से अधिक महत्वपूर्ण माना जाए।
स्वरा ने अपने स्पष्टीकरण में रेप सर्वाइवर्स का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया था कि क्या किसी महिला की जिंदगी और उसके जीने के अधिकार से ऊपर उसकी तथाकथित पवित्रता को रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि आज के दौर में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा एक गंभीर समस्या है और सिनेमा को ऐसी चीजों के महिमामंडन को लेकर सवाल पूछने चाहिए।
पहले भी कई लोग कर चुके हैं बयान पर आपत्ति
स्वरा भास्कर के जौहर संबंधी बयान पर धीरेंद्र शास्त्री से पहले भी प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर समेत कुछ अन्य लोगों ने भी अभिनेत्री के बयान पर आपत्ति जताई थी। इस पूरे विवाद में एक तरफ जौहर को राजपूत इतिहास, त्याग और सम्मान की परंपरा से जोड़कर देखने वाले लोग हैं, जबकि दूसरी ओर इसे महिलाओं की agency, जीवन और आधुनिक नजरिए से देखने की बात कही जा रही है।
‘पद्मावत’ के जौहर दृश्य से शुरू हुआ विवाद
संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ वर्ष 2018 में रिलीज हुई थी। फिल्म के अंतिम हिस्से में रानी पद्मावती का किरदार निभाने वाली दीपिका पादुकोण और किले की अन्य महिलाओं को जौहर करते हुए दिखाया गया है। इसी दृश्य को लेकर स्वरा भास्कर ने पहले भी सवाल उठाए थे।अब उनके पुराने बयान पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है और धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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