सीएम योगी का शिक्षा पर बड़ा संदेश: शिक्षक ज्ञान का दीप, हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा; AI और डिजिटल साक्षरता पर भी जोर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा और साक्षरता को लेकर प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखकर शिक्षा व्यवस्था की दिशा और शिक्षकों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को किताबों का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों को जीवन की सही दिशा, अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास भी देते हैं। उनके अनुसार शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षक ज्ञान का दीप, नई पीढ़ी को दिखाते हैं सही राह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में शिक्षक की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाला दीप बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के भविष्य को मजबूत बनाने में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका होती है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के भीतर जिज्ञासा पैदा करता है और उन्हें सही-गलत की समझ के साथ आगे बढ़ने का मार्ग दिखाता है।

योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस का उल्लेख करते हुए बताया कि पांच सितंबर को उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले 81 शिक्षकों को सम्मानित करने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के योगदान को नई पीढ़ी के निर्माण और देश के भविष्य से जोड़ते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, संस्कार और आत्मविश्वास भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के व्यापक स्वरूप पर जोर देते हुए कहा कि पढ़ाई का उद्देश्य सिर्फ पुस्तकीय ज्ञान हासिल करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा के जरिए बच्चों में जिज्ञासा, अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास विकसित होना भी जरूरी है। शिक्षक विद्यार्थियों को विषयों की जानकारी देने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और सोच को भी आकार देते हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश लंबे समय से ज्ञान, अध्यात्म और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमि रहा है। अब जरूरत इस बात की है कि इस ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार के साथ जोड़ा जाए।

हर बच्चे को स्कूल और हर युवा को कौशल से जोड़ने का संकल्प

सीएम योगी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की विभिन्न पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से दूर न रहे और अधिक से अधिक विद्यार्थी शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ें। प्रदेश में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर कम करने और उन्हें दोबारा शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

युवाओं के लिए कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों को भी महत्वपूर्ण बताया। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल और नए अवसरों से जोड़ना है।

साक्षरता के साथ डिजिटल ज्ञान भी जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आठ सितंबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के संदर्भ में कहा कि आज के समय में केवल पढ़ना-लिखना सीख लेना ही पर्याप्त नहीं है। बदलती तकनीक के दौर में डिजिटल साक्षरता भी उतनी ही जरूरी हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाने के साथ उसे डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के प्रति भी जागरूक करना समय की जरूरत है। तकनीक तेजी से बदल रही है और इसका असर शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि तथा उद्योग जैसे क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है।

AI और नई तकनीक युवाओं के लिए खोल रही अवसरों के नए रास्ते

योगी आदित्यनाथ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक और दूसरी आधुनिक तकनीकों को भविष्य की जरूरत से जोड़ते हुए कहा कि इनके विस्तार से युवाओं के सामने रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को भी तकनीकी बदलावों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। लखनऊ में AI City और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक से जुड़े विकास को इसी दिशा में उठाए जा रहे कदमों के रूप में बताया गया है।

स्कूलों में सुधार के लिए योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प तथा मिशन प्रेरणा जैसी पहलों पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है।

सरकार का फोकस बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के साथ उन्हें शिक्षा से जोड़े रखने पर है। इसके साथ ही युवाओं को कौशल, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की संभावनाओं से जोड़ने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

समाज के सहयोग के बिना पूरा नहीं होगा साक्षरता का लक्ष्य

सीएम योगी ने कहा कि किसी भी समाज को पूरी तरह साक्षर बनाने का लक्ष्य सिर्फ सरकार के प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि अगर उनके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जो अभी अक्षर ज्ञान से वंचित है, तो उसे पढ़ना-लिखना सिखाने की दिशा में पहल करें।

मुख्यमंत्री के मुताबिक किसी एक व्यक्ति को साक्षर बनाने का प्रयास भी उसके जीवन में आत्मविश्वास और ज्ञान के नए अवसर खोल सकता है। शिक्षा का यह विस्तार व्यक्तिगत स्तर से आगे बढ़कर पूरे समाज को मजबूत करने में मदद करता है।

सीएम योगी ने रखा शिक्षा को लेकर व्यापक लक्ष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में प्रदेश के लिए एक व्यापक शिक्षा-साक्षरता लक्ष्य सामने रखा। इसमें हर बच्चे का स्कूल पहुंचना, प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना, युवाओं का कौशल और नवाचार से जुड़ना तथा हर नागरिक का डिजिटल तकनीक और AI के प्रति जागरूक होना शामिल है।

उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति के सशक्तीकरण, समाज की प्रगति और राष्ट्र के विकास से जोड़ते हुए कहा कि ज्ञान व्यक्ति को मजबूत बनाता है, शिक्षा समाज को आगे ले जाती है और साक्षरता देश की प्रगति का रास्ता खोलती है।

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