
नई दिल्ली। देश की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने अत्याधुनिक युद्धपोत ‘तारागिरी’ का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ General Anil Chauhan और नौसेना प्रमुख Admiral Dinesh K. Tripathi भी मौजूद रहे। इस निरीक्षण को भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समुद्री सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
रक्षा मंत्री ने ‘तारागिरी’ के विभिन्न तकनीकी और ऑपरेशनल पहलुओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने जहाज की युद्ध क्षमता, आधुनिक हथियार प्रणालियों और स्वदेशी तकनीक के उपयोग की सराहना की। यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की रणनीतिक क्षमता को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभाने वाला है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
निरीक्षण के दौरान Rajnath Singh ने कहा कि ‘तारागिरी’ जैसे स्वदेशी युद्धपोत भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
उच्च अधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा
इस मौके पर General Anil Chauhan और Admiral Dinesh K. Tripathi के साथ समुद्री सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
नौसेना की बढ़ती ताकत का प्रतीक ‘तारागिरी’
‘तारागिरी’ को भारतीय नौसेना के आधुनिक बेड़े का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि इसमें कई अत्याधुनिक फीचर्स शामिल हैं जो इसे दुश्मनों के खिलाफ बेहद प्रभावी बनाते हैं।
रणनीतिक रूप से अहम है यह निरीक्षण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उच्च स्तरीय निरीक्षण भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करते हैं। इससे न केवल सेना का मनोबल बढ़ता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य क्षमता का भी संदेश जाता है।
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