क्रिकेट जगत से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर और ‘द बिग शो’ के नाम से मशहूर ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International Cricket) से संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उनके 14 साल के लंबे और शानदार करियर का अंत हो गया है। मैक्सवेल के इस फैसले से उनके फैंस और क्रिकेट जगत में मायूसी छा गई है, लेकिन उनका यह करियर हमेशा यादगार पारियों के लिए याद रखा जाएगा।
14 साल के शानदार करियर पर एक नजर
ग्लेन मैक्सवेल ने साल 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और अपने आक्रामक खेल से दुनियाभर में एक अलग पहचान बनाई:
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तमाम फॉर्मेट में जलवा: मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में कुल 286 मुकाबले खेले।
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आखिरी टूर्नामेंट: उन्होंने अपना आखिरी बड़ा टूर्नामेंट इसी साल संपन्न हुआ टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए खेला था, जिसके बाद उन्होंने संन्यास लेने का यह बड़ा कदम उठाया है।
वो ऐतिहासिक पारी: दर्द में जड़ा गया कभी न भूलने वाला दोहरा शतक
ग्लेन मैक्सवेल के करियर की सबसे महान और चमकीली पारी वनडे विश्व कप 2023 के दौरान अफगानिस्तान के खिलाफ आई थी, जिसे क्रिकेट प्रेमी चाहकर भी कभी नहीं भूल सकते:
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दर्द और क्रैम्प्स से जंग: मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए उस मैच में ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम सस्ते में पवेलियन लौट चुकी थी और मैक्सवेल भयंकर शारीरिक दर्द (Severe Cramps) और पैर की मांसपेशियों की खिंचाव से जूझ रहे थे। उनके लिए मैदान पर खड़े होना तक मुश्किल हो रहा था।
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ऐतिहासिक नाबाद दोहरा शतक: इन सबके बावजूद मैक्सवेल ने मैदान नहीं छोड़ा और पैरों पर ठीक से खड़े न हो पाने के बावजूद खड़े-खड़े चौके-छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने नाबाद 201 रनों की जादुई पारी खेलकर हारा हुआ मैच अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया की झोली में डाल दिया था। वनडे क्रिकेट इतिहास के सबसे महान रनचेज में से एक इस पारी को हमेशा अमर माना जाएगा।
क्रिकेट के मैदान पर अपने तूफानी शॉट्स और ‘रिवर्स स्वीप’ के लिए जाने जाने वाले मैक्सवेल की विदाई से एक शानदार युग का अंत हो गया है।
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