जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर अल्पसंख्यकों की राजनीतिक भागीदारी को लेकर तीखा हमला बोला है। जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में शामिल भाजपा लोकसभा चुनावों में सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारती है, लेकिन मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व देने से बचती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो ऐसी राजनीति को लेकर बेहद सख्त रुख अपनातीं।
जयपुर के कार्यक्रम में पहुंचे थे अशोक गहलोत
राजधानी जयपुर स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी, राजस्थान द्वारा नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस, प्रतिभा सम्मान समारोह और ‘कायम रत्न अवॉर्ड-2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह में राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, लोकसभा सांसद इमरान मसूद, सांसद राहुल कस्वां, विधायक रफीक खान, अमीन कागजी सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
भाजपा पर साधा निशाना, मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में अशोक गहलोत ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी देशभर में चुनाव लड़ती है, लेकिन मुस्लिम समाज से एक भी उम्मीदवार को टिकट नहीं देती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी वर्गों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित होना जरूरी है, लेकिन वर्तमान राजनीतिक माहौल में अल्पसंख्यकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है।
गहलोत ने कहा कि धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिशें की जाती हैं, जिससे समाज में तनाव का वातावरण बनता है।
इंदिरा गांधी का किया उल्लेख
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वे आज होतीं तो समाज को बांटने वाली राजनीति के खिलाफ कड़ा रुख अपनातीं। गहलोत ने कहा कि देश की राजनीति संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप चलनी चाहिए, न कि धर्म आधारित विभाजनकारी सोच के आधार पर।
अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय का लगाया आरोप
अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि देश में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ अन्याय और अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया और कहा कि अदालतों की टिप्पणियों के बावजूद ऐसी कार्रवाइयों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून का शासन सर्वोपरि होना चाहिए और सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
राजस्थान में फिर गरमाई सियासत
गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान सहित राष्ट्रीय राजनीति में बहस तेज होने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस के बीच अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व, सामाजिक न्याय और चुनावी राजनीति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। ऐसे में आगामी चुनावों से पहले नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकते हैं।
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