UP Politics: कन्नौज में सपा संगठन पर बड़ा एक्शन, भंग की गई जिला कार्यकारिणी; 2017 की हार के बाद हुआ था ऐसा दूसरा बड़ा फेरबदल

उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले गढ़ कन्नौज (Kannauj) में समाजवादी पार्टी (SP) के संगठनात्मक ढांचे पर बहुत बड़ा एक्शन लिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने कन्नौज की समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी को पूरी तरह से भंग कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत कलीम खान के नेतृत्व वाली जिला टीम के साथ-साथ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को भी संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

2017 के बाद दूसरी बार हुआ ऐसा बड़ा संगठनात्मक फेरबदल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी संगठन को मजबूत और दुरुस्त करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है। कन्नौज के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो सपा संगठन पर ऐसी बड़ी कार्रवाई लंबे समय बाद हुई है:

  • साल 2017 का इतिहास: इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनावों में कन्नौज की तिर्वा और छिबरामऊ जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद तत्कालीन जिलाध्यक्ष मजहारुल हक उर्फ मुन्ना दरोगा के नेतृत्व वाली कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया था।

  • लंबा अंतराल: उस समय नई कार्यकारिणी के गठन में करीब चार साल का वक्त लगा था और 2021 में कलीम खान को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया था। इस बीच 2019 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव को भी भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

मिशन 2027 को लेकर सपा की सुगबुगाहट तेज

कन्नौज को समाजवादी पार्टी का पारंपरिक और बेहद मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में जिला कार्यकारिणी का भंग होना यह संकेत देता है कि पार्टी आलाकमान आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर किसी भी प्रकार की सुस्ती या आंतरिक कमजोरी के मूड में नहीं है। जल्द ही पार्टी की ओर से नई और ऊर्जावान टीम की घोषणा की जा सकती है, जो जमीन पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का काम करेगी।

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