पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक बार फिर जातीय हिंसा और तनाव की आग सुलग उठी है। राज्य के कामजोंग जिले के चास्साद (Chassad) गांव और उसके आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों के भीतर असामाजिक तत्वों द्वारा भीषण तांडव मचाया गया है। इस ताजा हिंसक झड़प और गोलीबारी में एक नागरिक की मौत हो गई है, जबकि अंधाधुंध आगजनी करते हुए 28 घरों को पूरी तरह फूंक दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
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अचानक हमला और आगजनी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, مسلح (सशस्त्र) समूहों ने कामजोंग जिले के चास्साद गांव पर अचानक धावा बोल दिया। हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। इस दौरान उपद्रवियों ने चुन-चुनकर घरों को निशाना बनाया और कुल 28 घरों को आग के हवाले कर दिया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं।
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नागरिक की मौत: इस खूनी संघर्ष और गोलीबारी की चपेट में आने से एक स्थानीय नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और दहशत का माहौल है।
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सुरक्षा बलों की तैनाती: घटना की सूचना मिलते ही असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा बल के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
प्रशासन अलर्ट पर, शांति बहाली की अपील
घटना के बाद से जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। स्थानीय अधिकारियों ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि इस नए सिरे से भड़की हिंसा के पीछे कौन लोग शामिल थे। इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर पूर्वोत्तर राज्य में स्थायी शांति और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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